ब्लैक स्पॉट्स सुधारने और नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस रद्द करने के निर्देश
धार। सड़कों पर सफर को सुरक्षित बनाने और हादसों के ग्राफ को शून्य पर लाने के लिए धार जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अब जिले के पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को ईंधन नहीं मिलेगा। नियमों की अनदेखी, ओवरस्पीडिंग और नशे में वाहन चलाने वालों पर सीधी कार्रवाई करते हुए उनके ड्राइविंग लाइसेंस तक निरस्त किए जाएंगे।
जिले में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से 25 अगस्त को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा की मौजूदगी में हुई इस बैठक में जिले के सभी प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और सुरक्षा उपायों पर विस्तृत कार्ययोजना तय की।
बैठक में कलेक्टर ने पिछले सड़क हादसों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के हॉटस्पॉट व ब्लैक स्पॉट्स को तत्काल चिन्हित करें। दुर्घटना स्थलों का संयुक्त निरीक्षण कर वहां आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा हादसों के पहले और बाद के आंकड़ों का विश्लेषण कर सुधार कार्य किए जाएंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू रहेगी:
- कड़े दंडात्मक कदम: ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइव और स्कूल व स्लीपर बसों की लापरवाही पर ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
- तकनीकी सुधार: ट्रकों के ‘ब्लाइंड स्पॉट्स’ को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
- इमरजेंसी रिस्पॉन्स: घायलों की जान बचाने के लिए ‘गोल्डन ऑवर’ प्रबंधन पर विशेष फोकस रहेगा।
प्रशासन की इस पहल से आने वाले दिनों में जिले की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सभी संबंधित विभागों को मासिक कार्ययोजना बनाकर जमीनी स्तर पर काम करने और ‘राहवीर योजना’ का व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनभागीदारी से जिले की सड़कों को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
