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मुख्य सचिव ने कन्या परिसर और मेडिकल कॉलेज निर्माण का लिया जायजा

छात्राओं से पूछा भविष्य का लक्ष्य, अफसरों को दिए कड़े निर्देश

​धार। “भविष्य में क्या बनना चाहती हैं?”—मुख्य सचिव की इस आत्मीय आवाज ने जब कन्या आवासीय परिसर की छात्राओं के सपनों को कुरेदा, तो प्रशासनिक औपचारिकताएं टूट गईं और संवाद का एक जीवंत माहौल बन गया। छात्राओं ने न केवल अपनी पढ़ाई और लक्ष्यों को साझा किया, बल्कि मुख्य सचिव से उनके प्रशासनिक सेवा से शीर्ष पद तक पहुँचने के सफर को भी जाना। निरीक्षण के इस मानवीय पहलू के साथ ही मुख्य सचिव ने प्रशासनिक अमले को सख्त संदेश देते हुए बुनियादी विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने की स्पष्ट चेतावनी दी।

​’मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026′ के तहत शुक्रवार, 11 सितंबर को मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल धार प्रवास पर रहे। उनके साथ मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाडे, कलेक्टर राजीव रंजन मीना, एसपी सचिन शर्मा, जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त पारूल व्यास जैन और सीएमएचओ डॉ. अनिता सिंगारे सहित जिले के आला अधिकारी मौजूद थे। इस दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने जिला मुख्यालय पर संचालित कन्या आवासीय परिसर और निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज स्थल का व्यापक भौतिक निरीक्षण किया।

​कन्या परिसर में मुख्य सचिव ने 12वीं कला संकाय की छात्राओं से इतिहास विषय से जुड़े प्रश्न पूछकर उनके ज्ञान का स्तर परखा, वहीं गणित वर्ग की बालिकाओं से करियर योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने भौतिक विज्ञान व कंप्यूटर प्रयोगशालाओं का निरीक्षण करते हुए शिक्षकों को नियमित प्रैक्टिकल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वांगीण विकास के लिए सिर्फ किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां भी उतनी ही जरूरी हैं। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर को परिसर में तत्काल खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

​दौरे के दूसरे चरण में मुख्य सचिव निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। कार्य में अपेक्षित तेजी न दिखने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ गति सुनिश्चित करने की हिदायत दी।

​धार के स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के ढांचे को मजबूती देने के उद्देश्य से यह प्रोजेक्ट 25 एकड़ भूमि पर करीब 267 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। कुल पांच ब्लॉकों में बंटने वाले इस आधुनिक जी+7 परिसर में छह मंजिला कॉलेज भवन, सात मंजिला अस्पताल और नौ मंजिला हॉस्टल व स्टाफ क्वार्टर शामिल हैं। इस परियोजना के समय पर पूरा होने से जिले और आसपास के आदिवासी अंचल को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं और विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा की बड़ी सुविधा मिल सकेगी।

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