धार। सड़क पर चाकू अड़ाकर कलेक्शन एजेंट को धमकाना हो या रात के अंधेरे में किसान की झोपड़ी से नकदी और मवेशी उड़ाना—अमझेरा क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने लुटेरों के गिरोह पर आखिरकार पुलिस का शिकंजा कस गया है। पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर फाइनेंस कर्मी से हुई 1.33 लाख रुपए से अधिक की लूट समेत दो अलग-अलग वारदातों की गुत्थी सुलझा ली है।
मामले के अनुसार, 3 जून की शाम करीब 5:30 बजे मांगोद-मनावर रोड पर आमला फाटा के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने नेबफिन्स लिमिटेड कंपनी (NABFINS) के डेली कलेक्शन एजेंट अमरदास बैरागी को चाकू दिखाकर रोका था। बदमाश उनसे बैग में रखे कलेक्शन के 1,33,100 रुपए और दो मोबाइल फोन लूटकर केशवी की ओर भाग निकले थे। फरियादी की शिकायत पर अमझेरा थाने में धारा 309(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मुखबिर तंत्र की मदद से दबिश देकर राजेश बामनिया (20 वर्ष, निवासी हाथीपावा) और विक्रम उर्फ अकरम सिंगार (24 वर्ष, निवासी बावड़ीखोदरा) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने 16 जुलाई को ग्राम बड़लीपुरा कला में हुई एक अन्य लूट का भी खुलासा किया। आरोपियों ने अपने तीसरे साथी राजेश सिंगार (निवासी बावड़ीखोदरा) के साथ मिलकर ग्रामीण राजाराम चौहान के घर से दो बकरियां, दो बच्चे और झोपड़ी में रखे 20,000 रुपए नगद लूटे थे। इस मामले में भी पुलिस ने धारा 309(6) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
बरामदगी और कार्रवाई विवरण
- जप्त सामग्री : दोनों मामलों को मिलाकर कुल 34,000 नगद (पहले मामले से 32,000 रुपए और दूसरे से 2,000 रुपए) तथा वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर की लाल पट्टे वाली हीरो HF डीलक्स बाइक।
- गिरफ्तार आरोपी : राजेश पिता ऊंकार बामनिया (20) एवं विक्रम उर्फ अकरम पिता मंगु सिंगार (24)।
- फरार आरोपी : राजेश पिता छगन सिंगार।
इस दोहरी सफलता में थाना प्रभारी निरीक्षक राजू मकवाना के नेतृत्व में थाना अमझेरा पुलिस टीम के उनि रमेशचन्द्र डामोर, सउनि दिवाकरसिंह बैस, प्र.आर. 245 नरपत औहरिया, प्र.आर. 489 दिनेश भाभर, प्र.आर. 261 ललितसिंह चौहान, प्र.आर. 926 लालसिंह भाभर, आर. 316 रमेशचन्द्र नायक, आर. 619 राहुल चौहान, आर. 994 नीरज जाट तथा साइबर टीम के आर. प्रशांत चौहान एवं आर. शुभम शर्मा की आरोपियों को गिरफ्तार करने एवं माल-मशरूका जप्त करने में सराहनीय भूमिका रही।
इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर चलने वाले रिकवरी एजेंटों और दूरदराज के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं, पुलिस की प्राथमिक जांच अब इस गिरोह के तीसरे फरार सदस्य राजेश सिंगार की गिरफ्तारी और लूटे गए बाकी रुपयों व सामान की बरामदगी पर टिकी है। पुलिस का मानना है कि फरार आरोपी के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र में हुई कुछ अन्य अनसुलझी वारदातों के सुराग भी सामने आ सकते हैं।
