17 सितंबर से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान
धार में किला मैदान पर जलेगा ‘आशीर्वाद का दिया’
धार। जिले में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और शासकीय कार्यप्रणाली में तेजी लाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी सिलसिले में कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने समय-सीमा पत्रों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का गुणवत्तापूर्ण समाधान शीर्ष प्राथमिकता पर होना चाहिए।
धार स्थित कलेक्टर सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित इस बैठक में कलेक्टर राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में जिला पंचायत सीईओ अखिलेश कुमार जैन, अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय तथा सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना, सेवा संकल्प अभियान, मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान और छात्रावास व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना, 2026 के संबंध में निर्देश दिए कि सभी पात्र भूमिस्वामियों और संबंधित अधिकारियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया को समय पर पूरा कराया जाए। पंचायत स्तर पर सचिव, रोजगार सहायक और सर्वेयर को प्रशिक्षण देने के साथ ही हितग्राहियों की तिथिवार सूची तैयार कर पंजीयन प्रक्रिया सुगम बनाने को कहा गया।
प्रदेश स्तर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक संचालित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की रूपरेखा भी तय की गई। इसके अंतर्गत 17 सितंबर को जिले में कई कार्यक्रम आयोजित होंगे:
- सुबह 10:00 बजे: डीआरपी लाइन में वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण
- सुबह 10:30 बजे: स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दिव्यांगजन सहायता उपकरण वितरण
- दोपहर 12:30 बजे: जिला चिकित्सालय में रक्तदान शिविर
- दोपहर 1:00 बजे: भोज उद्यान में जैविक खेती हाट बाजार का शुभारंभ
- सायं 7:00 बजे: किला मैदान धार में नगर पालिका द्वारा ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम
कलेक्टर ने बालिका छात्रावासों के नियमित निरीक्षण, सुरक्षा और व्यवस्थाओं की सतत निगरानी के निर्देश देने के साथ ही आगामी शुक्रवार को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान शिविर में अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने की बात कही।
प्रशासन द्वारा तय की गई इस समयबद्ध कार्ययोजना और सघन अभियानों से आने वाले दिनों में न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिस्वामियों को भू-अधिकार और अभिलेख सुगमता से उपलब्ध होंगे, बल्कि विभिन्न विभागों के समन्वय से जिले के पात्र हितग्राहियों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच और जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी।
