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गंधवानी के पास मादा तेंदुए ने चरवाहे पर झपट्टा मारा, गंभीर हालत में धार रेफर

3 शावकों के साथ जंगल में दिखी, क्षेत्र में दहशत

धार। शांत जंगल में अचानक मवेशियों की खलबली मची और पलक झपकते ही एक चरवाहे की चीख से पूरा इलाका दहल उठा। झाड़ियों की ओट में अपने तीन नन्हें शावकों की हिफाजत कर रही मादा तेंदुए ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। साथी चरवाहों के शोर और ग्रामीणों की तत्परता से युवक की जान तो बच गई, लेकिन इस अप्रत्याशित हमले ने पूरे इलाके को गहरे खौफ में डाल दिया है।

यह घटना शनिवार दोपहर गंधवानी से करीब 6 किलोमीटर दूर ग्राम बक्तला के नजदीकी जंगल में घटी। गांव का रहने वाला अश्विन (पिता फूल सिंह) रोजाना की तरह मवेशी चराने जंगल गया हुआ था। इसी दौरान झाड़ियों में अपने तीन शावकों के साथ छिपी मादा तेंदुए ने अश्विन पर अचानक पीछे से झपट्टा मार दिया। अश्विन को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह लहूलुहान हो गया। हमले को देखते ही साथ मौजूद अन्य ग्वाले जान बचाकर भागे और मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगे। शोरगुल सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों की भारी भीड़ को अपनी तरफ आता देख मादा तेंदुआ अपने तीनों बच्चों को साथ लेकर घने जंगल की ओर भाग निकली।

ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल अश्विन को संभाला और आनन-फानन में गंधवानी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे धार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है। घटना के तुरंत बाद ग्राम पंचायत सरपंच रमेश ने वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद वन अमला स्थिति का जायजा लेने जंगल में पहुंचा।

गांव के बेहद करीब तीन शावकों के साथ मादा तेंदुए की मौजूदगी से बक्तला और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का मानना है कि बच्चों के साथ होने के कारण तेंदुआ अधिक आक्रामक हो सकती है, जिससे खेतों और जंगलों की तरफ जाने वाले लोगों पर दोबारा हमले का गंभीर खतरा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इलाके में तुरंत पिंजरा लगाकर मादा तेंदुए और उसके शावकों को सुरक्षित पकड़ा जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।

ग्राम बक्तला के जंगल में खो बनी हुईं हैं। ग्वाल बाल मवेशी चराते हुए खो के पास चले गए थे, जिससे मादा तेंदुआ ने बच्चों पर हमला कर दिया हमने गांव वालों को समझा दिया है कि अभी उधर नहीं जाए। माता तेंदुआ को अभी छेड़ना ठीक नहीं रहेगा। बच्चे के इलाज के लिए हमने वन कर्मचारी भारत रावत को धार भेजा है।

–केसी बघेल, डिप्टी रेंजर 

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