धार। औद्योगिक क्षेत्र में कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बार फिर एक युवा श्रमिक की जान पर भारी पड़ गई। सागौर स्थित ओसवाल कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड में पीडीसी मशीन पर काम कर रहे 20 वर्षीय मजदूर की मशीन की डाई में कुचलने से दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा उपकरण उपलब्ध न कराने और गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने कंपनी के साइट इंजीनियर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।
घटना 12 सितंबर की रात करीब 8:00 बजे थाना सागौर से 3 किलोमीटर दक्षिण स्थित ओसवाल कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड में घटी। मूल रूप से ग्राम मंडावनमार (थाना बांदरी, जिला सागर) निवासी और वर्तमान में काली बिल्लौद (थाना बेटमा, इंदौर) में रह रहे 20 वर्षीय कल्पेश (पिता जवाहर साहू) संयंत्र में पीडीसी मशीन ऑपरेट कर रहे थे। उस दौरान कार्यस्थल पर सुरक्षा और निगरानी का जिम्मा कंपनी के साइट इंजीनियर कैलाश पाटिल के पास था। आरोप है कि पाटिल ने कल्पेश को आवश्यक सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी गियर्स) मुहैया नहीं कराए और उनसे असुरक्षित स्थिति में काम कराया गया, जिसके चलते कल्पेश मशीन की डाई की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी जान चली गई।
हादसे के बाद पुलिस ने मर्ग क्रमांक 44/2026 कायम कर मामले की विस्तृत जांच शुरू की थी। मर्ग जांच में साइट इंजीनियर कैलाश पाटिल की प्रत्यक्ष लापरवाही सिद्ध होने पर 21 सितंबर को दोपहर 03:17 बजे भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और 289 के तहत विधिवत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
औद्योगिक इकाइयों में बिना सुरक्षा प्रबंधों के जोखिम भरे काम कराने का यह मामला अब अन्य कंपनियों के लिए भी कड़े अनुपालन का विषय बनेगा; पुलिस की इस कार्रवाई से फैक्ट्रियों में मजदूरों के सुरक्षा मानकों और पर्यवेक्षकों की सीधी जवाबदेही को लेकर प्रशासनिक सख्ती बढ़ने की संभावना है।
