धार में निकाली रैली, 27 से भोपाल में अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान
धार। कलम और किताबों से भविष्य संवारने वाले शिक्षकों ने अब अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा शिक्षक संवर्ग पर अनिवार्य की जा रही पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में शिक्षकों का आक्रोश रविवार को जिला मुख्यालय की सड़कों पर साफ दिखाई दिया। शिक्षकों ने न केवल सामूहिक उपवास रखकर सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोला, बल्कि परीक्षा के बहिष्कार का खुला संकल्प भी दोहराया।
आज़ाद अध्यापक शिक्षक संघ मध्य प्रदेश एवं संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर 20 सितंबर को धार जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर परिसर के टीन शेड में जिला स्तरीय सामूहिक उपवास व धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिले भर से आए सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। टीन शेड पर दिनभर चले धरने के दौरान संघ के जिला अध्यक्ष ओपी राठौड़ सहित ब्लॉक व जिला पदाधिकारियों ने नवीन शिक्षक संवर्ग की मांगों के निराकरण के लिए ओजस्वी संबोधन दिए।
धरना प्रदर्शन और सामूहिक उपवास के बाद टीन शेड परिसर में उपस्थित सभी शिक्षकों को आगामी TET परीक्षा में सम्मिलित नहीं होने की शपथ दिलाई गई। इसके पश्चात शिक्षकों ने रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधीश के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार मदीहा खान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन का वाचन जिला अध्यक्ष राठौड़ ने किया।
प्रमुख मांगें और उपस्थिति
ज्ञापन में शिक्षक संवर्ग की प्रमुख मांगों को रेखांकित किया गया, जिनमें:
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शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को तत्काल निरस्त करना
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ई-अटेंडेंस व्यवस्था बंद करना
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पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करना
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लंबित क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान के आदेश जारी करना
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पेंशन और ग्रेच्युटी से संबंधित विसंगतियों का निराकरण
कार्यक्रम में संयुक्त मोर्चा के सहसंयोजक देवेंद्र सोलंकी, कालूराम मारू, बालकृष्ण शुक्ला, सुरेंद्र सिंह सोलंकी सहित ब्लॉक अध्यक्ष गौरव जोशी (धरमपुरी), अनोखीलाल चौधरी व मनीष चौबे (सरदारपुर), मुकाम सिंह उच्छवाल, कमल पाटीदार (बदनावर), नारायण चौधरी व उषा सौराष्ट्री (नालछा), नारायण राठौर (तिरला), तेजलाल पंवार (उमरबन) और जिला पदाधिकारी शैलेंद्र दवे, गौरेलाल मंडलोई, अरुण वर्मा, अरुणा निगम, नारायण चौधरी (बदनावर), हरिराम चौधरी, अशोक बैरागी, कमल चौहान, भूरे सिंह चौहान, नंदराम वर्मा, धन्नालाल मंडलोई व आशा मंडलोई उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनीष चौबे और भूरसिंह चौहान ने किया, जबकि आभार गौरव जोशी ने व्यक्त किया।
जिला अध्यक्ष राठौड़ ने स्पष्ट किया कि जब तक मध्य प्रदेश शासन शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को निरस्त नहीं करता, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। जिला मुख्यालय पर हुआ यह सामूहिक उपवास आगामी बड़े संघर्ष की पहली कड़ी है; इसके बाद 27 सितंबर से भोपाल में राज्य स्तरीय अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में शासन और शिक्षक संघों के बीच टकराव और तेज होने के आसार हैं।
