सुरक्षित भेजा गया भोपाल वन विहार, ग्रामीणों में दहशत
धार। कुदरत के नियम और इंसानी सुरक्षा के बीच बक्तला के जंगलों में चला दो दिन का इंतज़ार आखिरकार मंगलवार को खत्म हुआ। अपनी मां से बिछड़कर जंगल में अकेले रह गए तेंदुए के नन्हें शावक को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर भोपाल के वन विहार भेज दिया है। मां भले ही अपने दो अन्य शावकों को लेकर घने जंगलों में ओझल हो गई, लेकिन पीछे छूटे इस बेसहारा शावक की सांसों को वनकर्मियों की मुस्तैदी ने नई जिंदगी दे दी।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे बक्तला के जंगल में वन विभाग की टीम ने एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया। डिप्टी रेंजर केसी बघेल और वनकर्मी भारत रावत की निगरानी में टीम ने जंगल में अकेले पड़े शावक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और तुरंत भोपाल स्थित वन विहार रवाना किया। दरअसल, विभाग पिछले दो दिनों से इस उम्मीद में पहरा दे रहा था कि मादा तेंदुआ लौटकर अपने बच्चे को ले जाएगी, लेकिन जब वह नहीं लौटी तो शावक की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया। वन विहार में वन्यजीवों की बेहतर देखरेख के लिए विशेष प्रबंध मौजूद हैं।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत करीब चार दिन पहले हुई थी, जब जंगल में मवेशी चराने गए अश्विन नामक बालक पर मादा तेंदुए ने हमला कर दिया था। इस संघर्ष के बाद मादा तेंदुआ डर और असुरक्षा के चलते अपने दो शावकों को मुंह में दबाकर सुरक्षित ठिकाने की ओर ले गई, जबकि तीसरा शावक वहीं छूट गया था। हालांकि शावक को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन इलाके में मादा तेंदुए की सक्रिय मौजूदगी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग ने भविष्य के किसी भी खतरे को टालने के लिए ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर कतई न जाएं, साथ ही क्षेत्र में सतत निगरानी जारी रखी गई है।
