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धार में विवाद के बाद आमने-सामने दो पक्ष : एक ओर युवती से छेड़छाड़ व हमले का आरोप, दूसरी ओर दफ्तर में घुसकर तोड़फोड़

सड़क पर शुरू हुआ विवाद दफ्तर में खूनी संघर्ष तक पहुंचा, कोतवाली थाने में दोनों पक्षों पर क्रास केस दर्ज

धार। सड़क पर हुए विवाद और कथित छेड़छाड़ की बात कुछ ही देर में इस कदर बढ़ गई कि शहर की पटेल कॉलोनी स्थित एक दफ्तर अखाड़े में तब्दील हो गया। मारपीट, खिड़की का कांच टूटने से नस कटने और कार्यालय में तोड़फोड़ के बाद अब यह पूरा मामला थाने पहुंच चुका है, जहाँ पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर परस्पर मुकदमे (क्रास केस) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह पूरी घटना धार के कोतवाली थाना क्षेत्र में 5 अक्टूबर सोमवार की रात 9:30 बजे से 11:00 बजे के बीच घटित हुई। पहली घटना महालक्ष्मी नगर गेट के सामने हुई, जबकि उसके बाद का संघर्ष 46-A पटेल कॉलोनी दौलत नगर स्थित एक दफ्तर में हुआ। मामले में एक पक्ष से सीहोर निवासी संदीप ठाकुर (22), ओमप्रकाश धाकड़ और देवास निवासी देवराज शामिल हैं, वहीं दूसरे पक्ष से एक युवती और उनका देवर नीलेश प्रजापत व अन्य तीन लोग जुड़े हैं।

पहले पक्ष की युवती की शिकायत के अनुसार, 5 अक्टूबर सोमवार की रात 9:30 से 10:00 बजे के बीच आरोपियों ने महालक्ष्मी नगर गेट के सामने रास्ते में उनके साथ छेड़छाड़ की। जब वह अपने देवर नीलेश के साथ आरोपियों के ठिकाने पर बात करने पहुंचीं, तो आरोपी ओमप्रकाश व अन्य ने नीलेश के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। धक्का लगने से नीलेश खिड़की के कांच से टकरा गया, जिससे उसके हाथ की नस कट गई। पुलिस ने इस मामले में संदीप ठाकुर, ओमप्रकाश धाकड़ और देवराज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 3(5) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) के तहत प्रकरण दर्ज किया।

वहीं, दूसरे पक्ष के संदीप ठाकुर (निवासी पिपलिया, सिहोर, हाल मुकाम पटेल कॉलोनी) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि विवाद की शुरुआत मोटरसाइकिल से कट मारने के दौरान गिरने से बचने को लेकर हुई थी। इसके बाद नीलेश प्रजापत अपने तीन अन्य साथियों के साथ पटेल कॉलोनी स्थित उनके दफ्तर में घुस आया। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की, जिसमें संदीप के सिर व बाएं हाथ में और देवराज के दाहिने पैर में चोटें आईं। साथ ही दफ्तर में रखे कंप्यूटर, कांच, खिड़की, टेबल, किचन सामान, कूलर और दरवाजे में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने संदीप की रिपोर्ट पर नीलेश व अन्य तीन के खिलाफ बीएनएस की धारा 296(a), 115(2), 333, 324(2), 351(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।

दोनों पक्षों के लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और संपत्ति का भी नुकसान हुआ है। कोतवाली पुलिस ने 6 अक्टूबर की देर रात (तड़के 2:33 बजे और 3:27 बजे) दोनों ही पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर मामले को विवेचना में ले लिया है। पुलिस अब घटनास्थल के साक्ष्य, दफ्तर में हुई तोड़फोड़ और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दोनों दावों की कड़ियों की पड़ताल कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सड़क पर हुए विवाद की असल चिंगारी क्या थी और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके।

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