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सड़क सुरक्षा और बाढ़ प्रबंधन को लेकर कलेक्टर की महाबैठक, ‘राहवीर’ योजना पर जोर

धार में मॉनसून से पहले एक्शन में प्रशासन

धार। आगामी वर्षा ऋतु और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए धार जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिले में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और मॉनसून के दौरान उत्पन्न होने वाली आपदाओं से निपटने के लिए आज (05 जून) जिला स्तर पर ‘सड़क सुरक्षा समिति’ एवं ‘बाढ़ आपदा प्रबंधन’ की एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दो टूक निर्देश दिए गए कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने से लेकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम समय रहते पूरे किए जाएं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कलेक्टर राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक संपन्न हुई।

बंद होंगे अवैध कट, ब्लैक स्पॉट्स पर कड़ा पहरा

बैठक में जिले में हाल ही में हुए सड़क हादसों और ट्रैफिक नियमों की कार्रवाई की गहन समीक्षा की गई। सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित बड़े फैसले लिए हैं:

  • अवैध कट्स पर ‘ताला’: विभिन्न मार्गों पर बने अवैध मीडियन कटों (डिवाइडर के बीच अनधिकृत रास्ते) को चिन्हित कर तत्काल बंद करने या आवश्यकतानुसार उन्हें वैध करने के निर्देश निर्माण एजेंसियों को दिए गए हैं।

  • ब्लैक स्पॉट्स का तकनीकी इलाज: दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) का तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा। यहाँ तुरंत संकेतक बोर्ड, रंबल स्ट्रिप, रोड मार्किंग और सोलर ब्लिंकर लगाए जाएंगे।

  • सड़कों का ‘मॉनसून मेंटेनेंस’: बारिश में हादसे न हों, इसके लिए क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, झाड़ियों की कटाई, रिफ्लेक्टर लगाने और पुल-पुलियों की रिपेयरिंग के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

  • निर्माणाधीन सड़कों पर सुरक्षा: जहाँ भी काम चल रहा है, वहाँ बैरिकेडिंग, पर्याप्त रोशनी, और वैकल्पिक मार्ग (डाइवर्जेशन) की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करनी होगी।

‘राहवीर’ और ‘पीएम राहत’ योजना का होगा व्यापक प्रचार

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए राहवीर योजना और पीएम राहत योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। प्रशासन ने पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य विभाग और सड़क निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रमुख चौराहों और ब्लैक स्पॉट्स पर बड़े-बड़े बैनर और स्थायी सूचना बोर्ड लगाएं, ताकि आम जनता को इस योजना के प्रति जागरूक किया जा सके।

संवेदनशील इलाकों पर रहेगी तीसरी आँख

बैठक के दूसरे सत्र में आगामी वर्षा ऋतु और संभावित बाढ़ के खतरों से निपटने की तैयारियों को परखा गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आपदा आने का इंतजार न करें, बल्कि पहले से ही मुस्तैद रहें।

प्रशासन का एक्शन प्लान

  1. प्री-सर्वेक्षण: जिले के सभी संवेदनशील और जलभराव वाले क्षेत्रों का पहले ही सर्वे कर वहाँ राहत सामग्री और सुरक्षा के इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

  2. विशेष निगरानी: नदी, नालों और उन पुल-पुलियों पर विशेष नजर रखी जाएगी जो बारिश में डूब जाते हैं।

  3. समय पर अलर्ट: जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर आम जनता को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से समय-समय पर सतर्क (अलर्ट) किया जाएगा।

इस महाबैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और मॉनसून के दौरान आमजन की सुरक्षा को सौ फीसदी सुनिश्चित करना है। अब देखना यह है कि धरातल पर ये निर्देश कितनी जल्दी अमलीजामा पहनते हैं।

इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक चौधरी, सीएसपी सुजावल जग्गा तथा सहायक कलेक्टर आशी शर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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