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गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने की मांग : गौ भक्तों ने कलेक्टर को सौंपे हजारों हस्ताक्षरों वाले पत्र

गौ कत्लखाने तुरंत बंद हों और गौ हत्या के खिलाफ कठोर कानून बनाये

धार। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जब सैकड़ों गौ भक्त और संत भजन गाते हुए एक साथ सड़कों पर निकले, तो कलेक्ट्रेट का माहौल पूरी तरह गौ सेवा के भाव से सराबोर हो गया। ‘धार गौसम्मान आह्वान अभियान’ के अंतर्गत जिले भर की गौशालाओं से आए प्रतिनिधियों ने एक अनूठी पहल करते हुए हजारों नागरिकों के हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्रों को पेन ड्राइव में सहेजकर प्रशासन को सौंपा।

वेद लक्षणा गौ रक्षा संगठन के तत्वाधान में आयोजित इस अभियान के तहत जिले भर के गौशाला संचालक और प्रतिनिधि धार के त्रिमूर्ति स्थित अभिव्यक्ति स्थल पर एकत्र हुए। वहां से संतों की उपस्थिति में सभी प्रतिनिधि भजन कीर्तन करते हुए जिला मुख्यालय (कलेक्ट्रेट) पहुंचे। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित यह प्रार्थना पत्र एसडीएम राहुल गुप्ता को दिया।

ज्ञापन के माध्यम से मुख्य रूप से यह मांग की गई कि गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित किया जाए, देश में संचालित सभी गौ कत्लखाने तुरंत बंद हों और गौ हत्या के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाए। इसके साथ ही यह भी मांग रखी गई कि देशभर में गौ अभ्यारण्यों की स्थापना की जाए ताकि गौ माता को सड़कों पर आवारा न घूमना पड़े।

इस अवसर पर 1008 नरसिंह दास महाराज, महंत विष्णु दास, महंत किशोर नाथ, सूरज पुरी और नटवर गिरी जैसे प्रमुख संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम को संगठन के संरक्षक नरेश राजपुरोहित, अशोक सिंह रघुवंशी, अध्यक्ष विजय पाटीदार और रामचंद्र कुमावत ने संबोधित किया। इस दौरान मनोज पाटीदार, राजेश हारोड, नंदराम टॉक सहित जिले भर की समस्त गौशालाओं के सैकड़ों प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।

जिले में गौ संरक्षण और संवर्धन को लेकर ‘धार गौसम्मान आह्वान अभियान’ के तहत लंबे समय से जनजागरण चलाया जा रहा था। जिले की विभिन्न गौशालाओं से जुटाए गए ये हजारों डिजिटल हस्ताक्षर इस बात का संकेत हैं कि स्थानीय स्तर पर गौ रक्षा और उनके बेहतर रखरखाव के लिए एक बड़े कानून और बुनियादी ढांचे (गौ अभ्यारण्य) की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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