दो ट्रांजैक्शन में खाते से 97 हजार रुपए साफ, प्रकरण दर्ज
धार। डिजिटल भुगतान के दौर में थोड़ी सी लापरवाही या अनजाने में हुआ साइबर अटैक किस तरह मेहनत की कमाई पर पानी फेर सकता है, इसका ताजा मामला धार जिले के थाना कानवन से सामने आया है। ग्राम बिडवाल स्थित शराब दुकान में कार्यरत एक कर्मचारी के बैंक खाते से अज्ञात जालसाज ने धोखे से 97,000 रुपये निकाल लिए। पीड़ित को इस धोखाधड़ी की भनक घटना के चार दिन बाद लगी, जब उसने अपना बैंक बैलेंस चेक किया।
यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित कानवन थाना क्षेत्र का है। यहाँ ग्राम बिडवाल की एक शराब दुकान में हेल्पर के तौर पर काम करने वाले 39 वर्षीय गोपाल यादव (मूल निवासी गाजीपुर, उत्तर प्रदेश) साइबर जालसाजी का शिकार हो गए। गत 04 अगस्त की शाम लगभग 7:03 बजे पीड़ित ने अपने मोबाइल से भतीजे को 1,500 रुपये भेजे थे और इसके बाद फोन चार्जिंग पर लगाकर अपने काम में व्यस्त हो गए। इसी दौरान अज्ञात आरोपी ने उनके फोनपे से जुड़े यूनियन बैंक खाते में सेंध लगाकर शाम 7:13 बजे 50,000 रुपये और 7:52 बजे 47,000 रुपये की दो किस्तों में कुल 97,000 रुपये अनाधिकृत रूप से ट्रांसफर कर लिए। पीड़ित को इस धोखाधड़ी का पता 08 अगस्त को तब चला, जब उन्होंने अपना बैंक बैलेंस चेक किया।
पीड़ित गोपाल द्वारा 9 अगस्त को नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद, भोपाल साइबर शाखा की ई-साइबर एफआईआर रिपोर्ट के आधार पर कानवन थाने में मामला दर्ज किया गया है। कानवन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 319(2) के तहत धोखाधड़ी और साइबर अपराध का मामला पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर दी है।
इस तरह की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि बिना ओटीपी साझा किए या मोबाइल चार्जिंग के दौरान बैकग्राउंड में होने वाले साइबर हमलों के प्रति आम जनता को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। पुलिस द्वारा बैंक ट्रांजेक्शन आईडी के आधार पर आरोपी के बैंक खातों को ट्रेस किया जा रहा है, जिससे आगामी दिनों में अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश होने की संभावना है।
