Headlines

धार में ‘वराह मार्च’ पर टकराव : सनातन प्रहरी ने प्रशासन पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप

15 सितंबर को यात्रा निकालने का किया ऐलान

प्रचार सामग्री हटाने पर भड़के सनातन प्रहरी के अंशुल शर्मा

धार। भगवान वराह की जयंती के उपलक्ष्य में निकलने वाले ‘वराह मार्च’ को लेकर मध्य प्रदेश के धार जिले में तनाव की स्थिति बनती नजर आ रही है। प्रशासन की पाबंदियों और प्रचार सामग्री हटाए जाने की कार्रवाई के बाद आयोजकों ने सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को सनातन प्रहरी संगठन ने स्पष्ट कर दिया कि बाधाओं के बावजूद समाज इस मार्च में शामिल होने पहुंचेगा।

शनिवार को धार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सनातन प्रहरी के अंशुल शर्मा ने बताया कि 15 सितंबर को दोपहर 2:00 बजे हिंदू समाज का सामूहिक ‘वराह मार्च’ निकाला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने शुक्रवार देर रात अंधेरे में भगवान वराह की प्रतिमा और प्रचार सामग्रियों के कट-आउट को अपमानजनक तरीके से हटा दिया, जो कि बेहद अशोभनीय और निंदनीय कृत्य है।

अंशुल शर्मा ने प्रशासन के उस तर्क पर कड़ा एतराज जताया जिसमें कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई गई है। उन्होंने कहा, “महाराजा भोज द्वारा निर्मित हमारे स्वाभिमान के केंद्र को देखने जाने से कानून-व्यवस्था कैसे बिगड़ सकती है, यह समझ से परे है।” उन्होंने धार जिले में पिछले तीन महीनों से लागू धारा 163 पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जनजीवन पूरी तरह सामान्य है, तो ऐसी पाबंदियां समाज पर जबरन थोपी गई हैं और यह कमजोर प्रशासन की निशानी है। शर्मा ने कहा कि मार्च में शामिल होने वाले लोगों की तय संख्या का अनुमान नहीं लगाया जा सकता, लेकिन आयोजन समिति और स्वाभिमानी समाज तय समय पर जरूर पहुंचेगा।

वहीं धार सीएसपी शशांक सिंह गुर्जर ने कहा कि 15 सितंबर को वराह रैली निकालने के लिए हिंदू संगठन द्वारा आव्हान किया गया था, कानून व्यवस्था को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। शहर में वर्तमान में धारा 163 लागू है, ऐसे में किसी भी आयोजन के लिए अनुमति होना अनिवार्य है। बिना अनुमति आयोजन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि धार जिले में संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने धारा 163 लागू कर रखी है और आयोजनों पर निगरानी रखी जा रही है। एक तरफ जहां प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर अनुमति और नियमों का हवाला दे रहा है, वहीं दूसरी ओर सनातन प्रहरी द्वारा तारीख तय कर मार्च पर अडिग रहने के इस ऐलान से आने वाले दिनों में प्रशासन और आयोजकों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *