डायल-112 ने 6 गंभीर घायल महिलाओं को समय पर पहुंचाया अस्पताल
धार। सड़क पर एक सेकंड की जल्दबाजी कई जिंदगियों पर भारी पड़ गई, लेकिन आपातकालीन पुलिस सेवा की मुस्तैदी ने एक बड़े हादसे को मातम में बदलने से बचा लिया। मनावर-धामनोद मार्ग पर बस और ट्राले की आमने-सामने की टक्कर के बाद जब मौके पर चीख-पुकार मची और एंबुलेंस नदारद थी, तब डायल-112 की टीम ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला और गंभीर रूप से घायल छह महिलाओं को समय रहते सुरक्षित अस्पताल पहुंचा दिया।
यह सड़क दुर्घटना मनावर-धामनोद मार्ग पर उस समय हुई जब तेज रफ्तार बस आगे निकलने के प्रयास में सामने से आ रहे ट्राले से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में सवार कई यात्रियों को चोटें आईं, जिनमें से 6 महिलाएं लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना मिलते ही मनावर डायल-112 (FRV) टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर 108 एंबुलेंस की अनुपलब्धता को देखते हुए एसआई मंडल परमार और पायलट दीपक वर्मा ने प्राथमिकता के आधार पर गंभीर घायल महिलाओं को सावधानीपूर्वक बस से निकाला और अपनी पुलिस गाड़ी से ही सीधे अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में भर्ती कराई गई घायल महिलाओं में इंदौर निवासी जयाराम व जयश्री, 24 वर्षीय भूरी (निवासी सुरमा डेयरी), 26 वर्षीय अनीता (पति राजेन्द्र) सहित सुमन और अंजन वेदा शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार प्राथमिक उपचार के बाद सभी 6 महिलाएं अब खतरे से बाहर हैं और उनके परिजन भी अस्पताल पहुंच चुके हैं।
हाईवे पर ओवरटेकिंग के दौरान होने वाले ऐसे हादसे एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने पर कड़े नियंत्रण की जरूरत को रेखांकित करते हैं। वहीं दूसरी ओर, डायल-112 टीम की इस त्वरित कार्रवाई ने साबित किया है कि संकट के समय आपातकालीन सेवा का सही ‘गोल्डन ऑवर’ रिस्पॉन्स किसी भी परिवार का चिराग बुझने से बचा सकता है।
