33 बसों पर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और 2.68 लाख का जुर्माना वसूला
धार। सड़क पर मुसाफिरों की जान से खिलवाड़ करने वाले और नियमों को दरकिनार कर दौड़ने वाले बस ऑपरेटरों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। धार और झाबुआ परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के प्रमुख मार्गों पर औचक नाकाबंदी कर यात्री बसों की सघन जांच की, जिससे नियम विरुद्ध वाहन दौड़ा रहे बस संचालकों में हड़कंप मच गया।
परिवहन आयुक्त एवं धार कलेक्टर के निर्देश पर रविवार, 13 सितंबर रविवार को धार के अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी हृदेश यादव और झाबुआ जिला परिवहन अधिकारी कृतिका मोहता के नेतृत्व में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दल में परिवहन उप निरीक्षक दिव्या पाटीदार और सहायक वर्ग-2 मधुकर सिसोदिया सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने धार जिले के जैतपुरा, दसई, राजगढ़ और सरदारपुर क्षेत्रों में कुल 72 यात्री बसों को रोककर उनके दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की बारीकी से पड़ताल की।
जांच दल ने वाहनों की फिटनेस, वैध बीमा, परमिट, अग्निशमन यंत्रों की स्थिति और निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने जैसे बिंदुओं पर सख्ती दिखाई। इस दौरान 33 बसें नियमों का उल्लंघन करते हुए पाई गईं, जिनसे मौके पर कुल 2 लाख 68 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। गंभीर अनियमितताओं के चलते 3 बसों को तत्काल जब्त कर अमझेरा और सरदारपुर थानों में खड़ा कराया गया है। इनमें 2 बसें बिना किसी वैध परमिट के चल रही थीं, जबकि 1 बस का पंजीयन निरस्त होने के बावजूद उसे धड़ल्ले से यात्रियों को ढोने के लिए चलाया जा रहा था।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि यात्री सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए यह चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग का दावा है कि इस तरह की सख्त चालानी और जब्ती की कार्रवाई से अवैध संचालन पर लगाम लगेगी, हालांकि जमीनी स्तर पर शहर के मुख्य मार्गों जैसे बस स्टैंड से इंदौर नाके तक अति-सवारियों और ऑपरेटरों की मनमानी पर स्थायी रोक लगाना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
