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डही कस्तूरबा गांधी छात्रावास मामला : सीएम के कड़े रुख के बाद वार्डन अनीता भिड़े हटाई गईं

वार्डन पति और अतिथि शिक्षक सरदार सिंह की सेवाएं समाप्त

धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ शासन ने कड़ा चाबुक चलाया है। मामले की गूंज भोपाल तक पहुंचते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े निर्देशों पर जिला प्रशासन हरकत में आया और छात्राओं के साथ प्रताड़ना व अनियमितता के आरोपों में घिरीं वार्डन को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया, वहीं उनके पति अतिथि शिक्षक को सीधे बर्खास्त कर दिया गया।

यह पूरी कार्रवाई 14 सितंबर को धार जिले के डही स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास के मामले में कलेक्टर राजीव रंजन मीना द्वारा अमल में लाई गई। मुख्यमंत्री द्वारा घटना की वस्तुस्थिति की जानकारी लेकर दोषियों पर अनुशासनात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जाने के बाद प्रशासन ने यह त्वरित एक्शन लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो टूक शब्दों में कहा कि शासकीय बालिका छात्रावासों में बालिकाओं की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्राप्त गंभीर शिकायतों और प्रशासनिक अमले की जांच रिपोर्ट के आधार पर मॉडल स्कूल धार की उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं छात्रावास वार्डन अनीता भिड़े को तत्काल प्रभाव से प्रभार से हटाते हुए शासकीय आवास खाली कराया गया है। इसके साथ ही, प्रकरण में संलिप्तता और अनुशासनहीनता पाए जाने पर वार्डन के पति व अतिथि शिक्षक सरदार सिंह पिपलाज की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।

छात्रावास का संचालन और छात्राओं की देखरेख सुचारू रूप से जारी रहे, इसके लिए प्राथमिक शिक्षक श्रीमती लीला ओहरिया को आगामी नियमित व्यवस्था होने तक प्रभारी अधीक्षिका की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासनिक टीम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डही छात्रावास का औचक निरीक्षण कर बालिकाओं से सीधे संवाद किया और भोजन, सुरक्षा व अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की हकीकत जानी। प्रशासन की इस त्वरित व कठोर कार्रवाई से जिले भर के अन्य शासकीय छात्रावासों के प्रबंधन में कड़ा संदेश गया है कि छात्राओं की सुरक्षा और कल्याण में किसी भी तरह की कोताही सीधे बर्खास्तगी और पद से निष्कासन का कारण बनेगी।

रविवार को कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की छात्राएं रोते हुए थाने पहुंचीं थी। छात्राओं ने वार्डन अनीता भिड़े के खिलाफ शिकायत की थी। उनका आरोप था कि करीब एक साल से वार्डन छोटी-छोटी बातों पर गाली-गलौच कर डांटते थे और मानसिक रूप से परेशान करते थे। छात्राओं ने थाने में कहा कि ये मैडम हमें नहीं चाहिए। छात्राओं ने अधीक्षिका के पति पर भी प्रकरण दर्ज करने की बात कही थी। आरोप लगाते हुए कहा कि अधीक्षिका के पति छात्रावास परिसर में रहते है और कथित तौर पर बाथरूम का दरवाजा खटखटाते है।

 

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