धार। कोर्ट-कचहरी की फाइलों, मुकदमों की तारीखों और औपचारिकताओं के बीच जब खेल और हंसी-ठिठोली का मेल हो जाए, तो काम का तनाव पलों में दूर हो जाता है। कुछ ऐसा ही खुशनुमा और जीवंत माहौल धार के जिला न्यायालय परिसर में देखने को मिला, जहां न्यायिक अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों और अधिवक्ताओं ने काम से थोड़ा विराम लेकर खेल भावना और आपसी जुड़ाव का जश्न मनाया।
मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर गुरुवार को धार स्थित जिला न्यायालय परिसर में ‘उल्लास – एक अभिनव प्रयोग’ के अंतर्गत इस विशेष आयोजन का संचालन हुआ। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ममता जैन के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला मुख्यालय के सभी न्यायाधीशगण, न्यायालय के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और अधिवक्तागण एक साथ शामिल हुए। इस दौरान शतरंज, कैरम, स्पून रेस और म्यूजिकल चेयर जैसी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें सभी ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया, वहीं अन्य न्यायाधीशों ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

इस गरिमामय आयोजन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ममता जैन के साथ जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हितैष ठाकुर, विशेष न्यायाधीश मेरी मार्गरेट फ्रांसिस डेविड, कुटुम्ब न्यायालय धार की प्रधान न्यायाधीश पावस श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रदीप सोनी, एलएडीसीएस चीफ सतीश ठाकुर व उनकी टीम, जिले के सभी न्यायाधीशगण, अधिवक्ता तथा तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उपस्थित रहे।
न्यायिक प्रणाली में इस तरह की खेल व रचनात्मक गतिविधियां कार्यस्थल पर तनावमुक्त और सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में एक प्रभावी माध्यम साबित होती हैं। दिन-रात गंभीर दायित्वों में व्यस्त रहने वाले न्यायिक अधिकारियों और सहायक स्टाफ के बीच यह पहल न केवल संवाद और आपसी सौहार्द को मजबूत करती है, बल्कि आगे के नियमित कामकाज के लिए नई ऊर्जा और ताजगी का भी संचार करती है।
