धार। खेतों में हरी-भरी कपास की फसल और उसी की आड़ में अवैध नशे की सुनियोजित खेती—धार जिले के मनावर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उकाला में रविवार को पुलिस ने इस चालाकी को नाकाम कर दिया। मुखबिर की सूचना और सुनियोजित दबिश के दौरान पुलिस ने तीन अलग-अलग खेतों में कपास के पौधों के बीच छिपाकर लगाए गए गांजे के कुल 229 हरे-गीले पौधे जब्त किए, जिनका कुल अनुमानित बाजार मूल्य 20 लाख 32 हजार रुपये आंका गया है।
मनावर थाना पुलिस ने 4 अक्टूबर रविवार को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच ग्राम उकाला के तीन अलग-अलग खेतों में यह संयुक्त सर्चिंग कार्रवाई की। पहली कार्रवाई सर्वे नंबर 12/1 स्थित तेरसिंह पिता कीडिया डामोर के खेत में हुई, जहां से 10 लाख 92 हजार रुपये मूल्य के 29 पौधे जब्त किए गए। दूसरी दबिश खसरा नंबर 22/3 पर वीरसिंह पिता दौला (निवासी उकाला नीपुरा) के खेत पर दी गई, जहां कपास की फसल के बीच से 67.80 किलोग्राम वजनी 110 पौधे (कीमत लगभग 8 लाख रुपये) बरामद हुए। वहीं तीसरी कार्रवाई में पुलिस ने कैलाश पिता कुका (निवासी उकाला) के खेत की तलाशी लेकर 12 किलोग्राम वजनी 90 हरे पौधे (कीमत करीब 1 लाख 40 हजार रुपये) विधिवत जब्त किए।
कार्रवाई के बाद पुलिस ने रविवार देर रात तीनों मामलों में आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए।
क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में कपास और मक्का जैसी ऊंची फसलों के बीच गांजे की अवैध खेती करने का यह तरीका तस्करों द्वारा निगरानी से बचने के लिए अपनाया जाता रहा है। एक ही गांव के तीन खेतों से एक साथ गांजे की बरामदगी के बाद अब पुलिस इस बात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि इन पौधों से तैयार होने वाले माल की आपूर्ति कहां की जानी थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित अंतर-जिला नेटवर्क सक्रिय है। इस सख्त धरपकड़ से क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की खेती में लिप्त तत्वों पर कड़ा अंकुश लगने की उम्मीद है।
