धार। कानवन पुलिस ने नाबालिग से जुड़े दो अलग-अलग गंभीर मामलों में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में फरार था, जिस पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। वहीं दूसरा आरोपी नाबालिग के घर में घुसकर छेड़छाड़ और धमकी देने के मामले में फरार चल रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, 9 जुलाई को कानवन थाना क्षेत्र में नाबालिग को अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की शिकायत मिली थी। इस पर अपराध क्रमांक 237/2026 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस ने 4 अगस्त को नाबालिग को बरामद किया। पूछताछ में पीड़िता ने आरोपी जयराम वर्मा निवासी आष्टा, जिला सीहोर पर बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। घटना के बाद से आरोपी फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
थाना प्रभारी बारिया ने बताया कि 17 सितंबर को ग्राम रंगाराखेड़ी की नाबालिग ने पड़ोस में रहने वाले हंसराज पिता बापूसिंह मोगिया के खिलाफ घर में घुसकर बुरी नियत से छेड़छाड़ करने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस के मुताबिक हंसराज थाना कानवन का सूचीबद्ध गुंडा है और घटना के बाद से फरार था।
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देश पर दोनों मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास किए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर और एसडीओपी बदनावर अरविंद तोमर के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया के नेतृत्व में टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय कर दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। कार्रवाई में निरीक्षक रविन्द्र कुमार बारिया, उनि अरुण मिश्रा, सउनि प्रहलादसिंह बोरा, आरक्षक अजयपाल और आरक्षक विकाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
