धार। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को जमीन पर उतारते हुए धार जिले में शिक्षा को लेकर अनोखी पहल हुई है। अब कक्षा 1-2 के बच्चों को उनकी अपनी लोकभाषा मालवी, निमाड़ी और भीली में पढ़ाई का मौका मिलेगा, जिससे सीखना और आसान व रोचक होगा।
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की प्रेरणा और डाइट प्राचार्य मनोज कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में ‘मिशन अंकुर’ के तहत कक्षा 1 एवं 2 की हिंदी शिक्षण सामग्री का स्थानीय भाषाओं में अनुवाद पूरा कर लिया गया है। इसका विमोचन गुरुवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में आयोजित कार्यक्रम में किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी, डाइट प्राचार्य मनोज शुक्ला और डीपीसी प्रदीप खरे ने मॉड्यूल का विमोचन किया। अतिथियों ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में मातृभाषा का समावेश बच्चों के सीखने को सरल और प्रभावी बनाएगा।
इस मौके पर अनुवाद और लेखन कार्य से जुड़े शिक्षकों का सम्मान भी किया गया। मालवी, निमाड़ी और भीली भाषा में योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
