ऑन द स्पॉट एक्शन: कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज हुए सभी 120 आवेदन, सीधे संबंधित विभागों को किए गए ऑनलाइन फॉरवर्ड
धार | जिला प्रशासन द्वारा आमजन की शिकायतों और मांगों के त्वरित निराकरण के लिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। गर्मी के तीखे तेवरों के बीच आज जिले के दूर-दराज के अंचलों और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और किसान अपनी उम्मीदें लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने खुद सभी फरियादियों से सीधा संवाद किया और उनकी पीड़ा को अत्यंत गंभीरतापूर्वक सुना।
कलेक्टर ने आवेदनों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए। आज की इस जनसुनवाई में कुल 120 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें तुरंत कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज कर संबंधित विभागों को भेज दिया गया।
इन समस्याओं को लेकर पहुंचे लोग
जनसुनवाई में आए आवेदकों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित जनहित से जुड़े मुद्दों और शिकायतों को प्रशासन के सामने रखा:
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जमीन से जुड़े विवाद: राजस्व विभाग के अंतर्गत भूमि सीमांकन, नामांतरण, आपसी बंटवारा और शासकीय व निजी जमीनों से अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग।
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अटकी सरकारी योजनाएं: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी) की रुकी हुई किस्तें जारी करने और बंद पड़ी सामाजिक सुरक्षा पेंशन को फिर से बहाल करने की गुहार।
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बिजली-पानी का संकट: भीषण गर्मी (ग्रीष्मकाल) के मद्देनजर ग्रामीण इलाकों में गहराए पेयजल संकट को दूर करने और बिजली के भारी व त्रुटिपूर्ण बिलों में सुधार करने के आवेदन।
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छात्रवृत्ति और सहायता: पात्र विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का भुगतान, अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित मामले, तात्कालिक आर्थिक सहायता और सीएम हेल्पलाइन में दर्ज जटिल प्रकरणों का निराकरण।
नजरिया : क्यों जरूरी है ऐसी जनसुनवाई
ग्रामीण अंचलों से जब कोई बुजुर्ग या महिला किराया लगाकर जिला मुख्यालय पहुंचती है, तो उसकी उम्मीदें सिर्फ कलेक्टर से होती हैं। धार कलेक्टर द्वारा सीधे संवाद कर टाइम-लिमिट तय करना यह दर्शाता है कि प्रशासन आम जनता के प्रति जवाबदेह है। अब असली दारोमदार उन मैदानी अधिकारियों पर है, जिन्हें ये फाइलें सौंपी गई हैं, ताकि कागजी कार्रवाई से इतर जमीन पर लोगों को न्याय मिल सके।
आमजन की समस्याओं का निराकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर मीना ने जनसुनवाई में उपस्थित सभी जिला अधिकारियों और अनुविभागीय अधिकारियों को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक आवेदन को प्राथमिकता सूची में रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा, “शासकीय योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुँचना चाहिए। आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता, तत्परता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ निराकरण करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
अधिकारियों की टीम ने मौके पर ही संभाला मोर्चा
जनसुनवाई की इस सघन प्रक्रिया के दौरान कलेक्टर के साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायतअभिषेक चौधरी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर ही कई पेचीदा आवेदनों की जांच की, उनके त्वरित निराकरण की रूपरेखा (एक्शन प्लान) तैयार की और परेशान आवेदकों को आश्वस्त कर वापस भेजा।
