धार | एग्रो इनपुट डीलर एसोसिएशन (Aida) के आव्हान पर सोमवार को धार जिले सहित देशभर के कृषि आदान व्यापारियों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। सोमवार को धार शहर सहित केसूर, सादलपुर, लेबड़, घाटाबिल्लोद, दिग्ठान और बगड़ी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें पूर्णतः बंद रखीं।
व्यापारियों ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर और नायब तहसीलदार राठौर को सौंपा। व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि एक माह में समाधान नहीं हुआ, तो खरीफ सीजन से पहले देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

इन 12 बड़ी मांगों पर अड़े व्यापारी
ज्ञापन में व्यापारियों ने केंद्र सरकार के सामने प्रमुख समस्याएँ रखी हैं:
- जबरन लिंकिंग पर रोक: खाद कंपनियों द्वारा सब्सिडी वाले उर्वरक के साथ अनुपयोगी उत्पाद बेचने की मजबूरी को अपराध घोषित किया जाए।
- होम डिलीवरी की सुविधा: खाद की डिलीवरी ‘रेल-हेड’ के बजाय सीधे डीलर के ‘पॉइंट ऑफ सेल’ (POS) तक सुनिश्चित हो।
- मार्जिन में वृद्धि: बढ़ती महंगाई को देखते हुए उर्वरकों पर डीलर मार्जिन बढ़ाकर कम से कम 8% किया जाए।
- सार्थी पोर्टल: इसे केवल निर्माताओं तक सीमित रखा जाए, खुदरा विक्रेताओं के लिए इसे वैकल्पिक बनाया जाए।
- सेंपल फेल होने पर सुरक्षा: सीलबंद पैकेट का नमूना फेल होने पर विक्रेता के बजाय सीधे निर्माता कंपनी को जिम्मेदार माना जाए।
- लाइसेंस प्रक्रिया का सरलीकरण: हर साल प्रिंसिपल सर्टिफिकेट (PC) जोड़ने की अनिवार्यता खत्म हो और ‘दोहरी लाइसेंस प्रथा’ बंद की जाए।
“ब्लैकमेलिंग रुकी तो ही करेंगे काम”
व्यापारियों का कहना है कि किसानों द्वारा की जाने वाली झूठी शिकायतों के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है। मांग की गई है कि किसी भी कार्रवाई से पहले जिला स्तर पर एक जांच कमेटी बनाई जाए। साथ ही, एक्सपायर्ड कीटनाशकों को वापस लेना कंपनियों के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य करने की भी मांग की गई है।
“हम 5 लाख व्यापारियों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पिछले 10 सालों से हम इन समस्याओं से जूझ रहे हैं। अगर सरकार ने जल्द सुध नहीं ली, तो आगामी खरीफ सीजन में खाद-बीज की किल्लत के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।” — रमेश जोशी, अध्यक्ष, कृषि आदान विक्रेता संघ, धार
ज्ञापन के दौरान ये रहे मौजूद: इस दौरान संघ के अध्यक्ष रमेश जोशी, सचिव टिकेश लववंशी, संरक्षक घनश्याम मेरवानी सहित बड़ी संख्या में तहसील और जिले के व्यापारी उपस्थित रहे।
