धार जिले में ऑनलाइन ठगी के दो बड़े मामले आए सामने
धार। डिजिटल दौर में ठग अब और भी शातिर हो गए हैं। धार जिले में ऑनलाइन धोखाधड़ी के दो बड़े मामले सामने आए हैं, जहाँ बदमाशों ने बड़ी ही चतुराई से लोगों के बैंक खातों में सेंध लगा दी। कुक्षी में जहाँ एक कियोस्क संचालक को फर्जी मोबाइल फाइल (APK) के जाल में फंसाकर 1.24 लाख रुपये पार कर दिए गए, वहीं जिला मुख्यालय धार में भी एक युवक ऑनलाइन ठगी का शिकार हुआ है। पुलिस ने दोनों ही मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
केस 01: आयुष कंप्यूटर ग्रुप में आई फाइल बनी मुसीबत, 1.24 लाख गायब
कुक्षी थाना क्षेत्र के ग्राम अमलाल निवासी विजय अखाड़े (30), जो एक कियोस्क सेंटर चलाते हैं, उनके साथ ठगी का अनोखा मामला सामने आया है।
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कैसे हुई ठगी: 2 फरवरी को विजय के ‘आयुष कंप्यूटर ग्रुप’ में बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के नाम से एक एपीके (APK) फाइल आई।
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फाइल ओपन करते ही कटे पैसे: विजय ने अगले दिन जैसे ही उस फाइल को डाउनलोड कर ओपन किया, उनके मोबाइल पर धड़ाधड़ मैसेज आने लगे।
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दो ट्रांजेक्शन में साफ हुआ खाता: अज्ञात ठग ने विजय के बैंक खाते से पहले 99,999 रुपये और फिर 25,000 रुपये निकाल लिए।
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कुल नुकसान: कुल 1,24,999 रुपये की चपत लगी।
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पुलिस कार्रवाई: विजय की शिकायत पर कुक्षी पुलिस ने धारा 318(4) और 319(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है।
केस 02: धार के तोसीफ खान भी हुए शिकार
ऑनलाइन ठगी का दूसरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र धार का है। यहाँ पिंडारवाड़ी निवासी तोसीफ खान (37) के साथ अज्ञात आरोपी ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया। 3 जनवरी को हुई इस घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने जाँच की और अब धारा 318(4) और 319(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
सावधान: अनजान फाइल डाउनलोड करना पड़ सकता है भारी
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, आजकल ठग सोशल मीडिया ग्रुप्स में बैंक या सरकारी योजनाओं के नाम पर APK फाइलें भेजते हैं।
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इन फाइलों को इंस्टॉल करते ही आपका मोबाइल हैक हो सकता है।
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हैकर्स आपके मोबाइल का कंट्रोल लेकर ओटीपी (OTP) और बैंक डिटेल्स चोरी कर लेते हैं।
पुलिस की अपील: किसी भी अनजान लिंक या ग्रुप में आई फाइल को बिना जांचे डाउनलोड न करें। बैंक कभी भी एपीके फाइल के जरिए अपडेट नहीं मांगता।
