टीएल बैठक में धार कलेक्टर के कड़े तेवर
धार। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर राजीव रंजन मीना का सख्त अंदाज देखने को मिला। बैठक में जब एक-एक कर विभागों की पेंडेंसी सामने आई, तो कलेक्टर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी—”योजनाओं और जनहित के मामलों में लेट-लतीफी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी समय-सीमा तय है, उसके भीतर क्वालिटी के साथ काम पूरा करें।” इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी और अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय सहित जिले के सभी विभागों के बड़े अफसर मौजूद थे।
सिर्फ कागजी घोड़ा नहीं दौड़ेगा, जनता को जोड़ें
कलेक्टर ने साफ किया कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” को केवल सरकारी औपचारिकता न समझा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जल संरक्षण और संवर्धन की गतिविधियों में आम लोगों को जोड़ें (जनभागीदारी बढ़ाएं) और जो प्लान तैयार किया गया है, उसका असर जमीन पर दिखना चाहिए।
पेंडेंसी देख बिफरे, कहा- तुरंत निपटाएं
सीएम हेल्पलाइन, कोर्ट केस और अलग-अलग आयोगों में अटके मामलों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर आई जनता की शिकायतों का निराकरण पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जिला कोर्ट में चल रहे मामलों में भी विभागों को समय पर और पूरी तैयारी के साथ जवाब पेश करने की हिदायत दी गई।
बैठक की 5 बड़ी बातें, जिन पर कलेक्टर ने लिया सीधा एक्शन
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समग्र-आधार डी-लिंक की आफत: तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कई नागरिकों के समग्र आईडी से आधार कार्ड डी-लिंक हो गए हैं। इस पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई और आईटी टीम को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने के आदेश दिए।
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अनुकंपा नियुक्ति में देरी क्यों?: संवेदनशील मामलों पर बात करते हुए कलेक्टर ने अनुकंपा नियुक्ति की फाइलें खुलवाईं। उन्होंने विभागवार समीक्षा कर कहा कि जो भी पात्र केस हैं, उन्हें बिना भटकाए तुरंत नियुक्ति दी जाए।
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पीएम श्री और स्कूलों के निर्माण पर नजर: समग्र शिक्षा अभियान और ‘पीएम श्री योजना’ के तहत स्वीकृत स्कूलों के निर्माण कार्यों की रेगुलर मॉनिटरिंग होगी, ताकि ठेकेदार घटिया निर्माण न कर सकें।
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सरकारी रसोई में अब पीएनजी गैस: जिले के आवासीय स्कूलों, कॉलेजों, हॉस्टल्स, कम्युनिटी किचन्स और आंगनवाड़ी केंद्रों की रसोई को जल्द ही पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) से कनेक्ट किया जाएगा। इसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट भी तलब की गई।
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महिला सुरक्षा सर्वोपरि: ‘महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना’ की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि पर्यटन क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाए।
भू-अर्जन और वन अधिकार पट्टों पर दी ये डेडलाइन
बैठक के आखिरी दौर में जमीन अधिग्रहण (भू-अर्जन) के मामलों पर चर्चा हुई, जहां कलेक्टर ने विभागों को आपस में तालमेल (को-ऑर्डिनेशन) सुधारने को कहा। वहीं, वन ग्रामों में रहने वाले पात्र आदिवासियों और ग्रामीणों को वन अधिकार पट्टे का लाभ देने के लिए एसपीओ के नियमों के तहत तेजी से काम निपटाने के निर्देश जारी किए गए।
