धार। मध्यप्रदेश में गर्मी का भीषण प्रकोप जारी है। नौतपा और लू के थपेड़ों के बीच सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों की सेहत पर मंडरा रहा है। इसी बीच धार के स्थानीय ‘श्रद्धालय वृद्धाश्रम’ में राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल संचेतना के अंतर्गत एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने न केवल बुजुर्गों की सेहत जांची, बल्कि उन्हें इस जानलेवा गर्मी से बचने के कड़े नुस्खे भी दिए।
डॉक्टरों ने चेताया, बढ़ सकता है स्ट्रोक का खतरा
शिविर में पहुंचे जिला चिकित्सालय के एमडी मेडिसिन डॉ. सरिता मंडलोई ने बुजुर्गों को सचेत करते हुए कहा कि वृद्धजनों के लिए जरूरत से ज्यादा ठंड और जरूरत से ज्यादा गर्मी, दोनों ही जानलेवा साबित हो सकती हैं। इस मौसम में बुजुर्गों में ब्लड प्रेशर (बीपी) का बढ़ना बेहद खतरनाक है। अगर लंबे समय तक बीपी हाई रहता है, तो ब्रेन स्ट्रोक और पैरालिसिस का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बुजुर्गों को पौष्टिक आहार के साथ-साथ हल्के व्यायाम और नियमित दिनचर्या पर खास ध्यान देना होगा।
रामु बना के चेहरे पर आई मुस्कान, मिलेगा स्पेशल ‘क्लिपर फुट’
इस शिविर की सबसे भावुक और अच्छी खबर आश्रम के बुजुर्ग रामू बना के लिए रही। उनके पैरों की तकलीफ को देखते हुए अस्थि रोग विशेषज्ञ (आर्थोपेडिक) डॉ. जितेंद्र चौधरी ने संवेदनशीलता दिखाई। डॉ. चौधरी ने रामू बना के चलने-फिरने की समस्या को दूर करने के लिए विशेष ‘क्लिपर फुट’ (स्पेशल मेडिकल शूज़/सपोर्ट) तैयार करवाने की अनूठी पहल की है, जिससे उनके जीवन की राह आसान हो सकेगी।
फ्री दवाइयां बंटीं, फिजियोथेरेपी से मिला दर्द में आराम
शिविर में बुजुर्गों की सेहत को दुरुस्त करने के लिए डॉक्टरों की पूरी फौज जुटी रही:
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दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव गुप्ता ने बुजुर्गों के दांतों और मसूड़ों की जांच की।
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डॉ. कीर्ति बघेल और सुनीता गुप्ता ने दर्द से परेशान वृद्धों को मौके पर ही फिजियोथेरेपी थेरेपी दी और उन्हें कुछ आसान एक्सरसाइज सिखाईं।
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शिविर में आए सभी मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।
इस पूरे जांच कार्य में रीना परते, पुरुषोत्तम पाटीदार, विद्या गुंजाल और तोताराम ने अपनी सेवाएं देकर महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
अब हर महीने लगेगा शिविर
बुजुर्गों की तकलीफों को देखते हुए सिविल सर्जन के निर्देशानुसार अब यह राहत भरी खबर सामने आई है कि श्रद्धालय वृद्धाश्रम में हर महीने (प्रतिमाह) ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि बुजुर्गों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन और सफल मंच संचालन भोज शोध संस्थान के निदेशक डॉ. दीपेंद्र शर्मा ने किया। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रॉकी मक्कड़ द्वारा मीडिया से साझा की गई।
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