अंधी हत्या का खुलासा : कुछ ही दिनों में पुलिस ने दबोचा आरोपी, कोर्ट से भेजा गया जेल
धार। धार जिले के माण्डव थाना क्षेत्र में हुई एक अंधी हत्या (ब्लाइंड मर्डर) का पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। ‘नातरा’ (प्रथा) कराने का झांसा देकर एक शख्स को मौत के घाट उतारने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
जंगल में मिला था पत्थरों से कुचला शव
मामला बीते 5 अप्रैल 2026 का है, जब माण्डव थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम उण्डाखो के जंगलों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतक का चेहरा और सिर पत्थरों से बुरी तरह कुचला हुआ था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। सूचना मिलते ही माण्डव पुलिस मौके पर पहुंची और बारीकी से जांच शुरू की। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का पाए जाने पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 29/2026 धारा 103(1) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज कर जांच की कमान संभाली।
ऐसे हुई मृतक की पहचान, खुला ‘नातरा’ का खूनी खेल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल की मदद) और गहन तफ्तीश का सहारा लिया। सबसे पहली कामयाबी मृतक की शिनाख्त के रूप में मिली। मृतक की पहचान भेरूलाल पिता मूलचंद मुनिया (निवासी मुलथान, थाना बदनावर) के रूप में हुई। जब पुलिस ने भेरूलाल के लापता होने और उसकी आखिरी मुलाकातों की कड़ियां जोड़ीं, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। जांच में पता चला कि करण पिता तेरसिंह बघेल नामक युवक ने भेरूलाल को ‘नातरा’ कराने का झांसा दिया था और उसे अपने जाल में फंसाकर साथ ले गया था।
विवाद के बाद दी बेरहमी से मौत
पुलिस पूछताछ और विवेचना में सामने आया कि 4 अप्रैल 2026 को आरोपी करण, मृतक भेरूलाल को बदनावर से धार बुलाकर अपनी मोटरसाइकिल से माण्डव क्षेत्र के बामनपुरी ले गया था। वहाँ दोनों के बीच नातरा की बात को लेकर किसी बात पर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी करण, भेरूलाल को उण्डाखो के सुनसान जंगल में ले गया और वहाँ भारी पत्थरों से उसके सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। चोटें इतनी गंभीर थीं कि भेरूलाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
आरोपी पहुंचा जेल
मांडव पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त व सघन जांच के बाद आरोपी करण बघेल को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जिला जेल धार भेज दिया गया है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाने में माण्डव थाना प्रभारी निरीक्षक इंदलसिंह रावत, सहायक उपनिरीक्षक भेरुसिंह देवड़ा, प्रधान आरक्षक मनोहर निंगवाल, आरक्षक जितेन्द्र कन्नोजे, आरक्षक सुशील किराडे, महिला आरक्षक सपना जमरे सहित सायबर सेल धार की टीम की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।
