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पीथमपुर अग्निकांड: MPIDC का बड़ा एक्शन, हजार्गो इंडस्ट्रीज का प्लॉट आवंटन निरस्त

अवैध काम और भारी प्रदूषण पर चला हंटर, लीज डीड रद्द

धार। औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर के सेक्टर-3 में बीते दिनों हुए भीषण अग्निकांड के मामले में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्यवाही की है। MPIDC ने नियमों को ताक पर रखकर परिसर में अवैध, अनधिकृत और अत्यधिक प्रदूषणकारी गतिविधियां संचालित करने के आरोप में एम/एस हजार्गो इंडस्ट्रीज प्रा. लि. को आवंटित भूखंड क्रमांक 1018 एवं 1019 का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह कड़ा फैसला 02 जून मंगलवार को निगम द्वारा विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया।

​21 अप्रैल की वो खौफनाक रात, जब दहल उठा था औद्योगिक क्षेत्र

​उल्लेखनीय है कि इसी साल 21 अप्रैल, 2026 को हजार्गो इंडस्ट्रीज के परिसर में एक बेहद भीषण अग्निकांड हुआ था। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि उन्होंने देखते ही देखते आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी अपनी चपेट में ले लिया था।

घटना के बाद जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर निगम और अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) को व्यापक स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा था। इस हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा और पर्यावरण मानकों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद से ही प्रशासन इस मामले की बारीकी से जांच कर रहा था।

लीज डीड की उड़ाई जा रही थीं धज्जियां

​MPIDC द्वारा मामले की गहन समीक्षा में जो खुलासे हुए, वे चौंकाने वाले थे। जांच में पाया गया कि कंपनी को जिस उद्देश्य के लिए जमीन दी गई थी, वहां वह काम हो ही नहीं रहा था।

  • स्वीकृत प्रयोजन का उल्लंघन: लीज डीड की शर्तों को दरकिनार कर स्वीकृत औद्योगिक गतिविधियों की जगह अवैध काम धड़ल्ले से चल रहे थे।
  • फैलाया जा रहा था भारी प्रदूषण: परिसर में ऐसी ‘हाईली पोल्यूटिंग’ (अत्यधिक प्रदूषणकारी) गतिविधियां संचालित थीं, जिनकी अनुमति कतई नहीं थी।
  • सुरक्षा से खिलवाड़: औद्योगिक नियमों और नियामकीय प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन किया जा रहा था, जो अंततः इस बड़े हादसे का कारण बना।

अवैध गतिविधियां किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं

​निगम ने इस कार्यवाही के जरिए प्रदेश के सभी उद्योगपतियों और आवंटियों को एक बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश दे दिया है।

​”औद्योगिक क्षेत्रों में आवंटित भूमि का उपयोग केवल और केवल स्वीकृत एवं अनुमत गतिविधियों के लिए ही किया जा सकता है। औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण का संरक्षण और वैधानिक नियमों का पालन करना हर आवंटी की अनिवार्य जिम्मेदारी है। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ ऐसी ही कठोर वैधानिक कार्यवाही जारी रहेगी।”

— मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम

इस बड़ी कार्यवाही के बाद पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के अन्य उल्लंघनकर्ताओं में हड़कंप मच गया है। MPIDC ने साफ कर दिया है कि वह प्रदेश में सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और नियम सम्मत औद्योगिक विकास के संकल्प से कोई समझौता नहीं करेगा।

 

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