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कोचेस का हुआ सम्मान, प्रमाण-पत्र पाकर खिले नन्हे खिलाड़ियों के चेहरे

स्व. अरविंद काशिव और स्व. संदीप कराले की स्मृति में सजे मंच पर जुटे शहर के दिग्गज, क्रिकेट, कराटे और योग में बच्चों ने दिखाया दमखम

धार। खेल और सेहत की जुगलबंदी के साथ धार शहर में ऊर्जा और उत्साह का एक नया सवेरा देखने को मिला। मौका था धार पब्लिक स्कूल के खेल मैदान पर आयोजित 36वें ग्रीष्मकालीन खेलकूद प्रशिक्षण शिविर के गरिमामय समापन समारोह का। धार जिला क्रिकेट एसोसिएशन, धार जिला स्पोर्ट्स एंड कल्चरल सोसायटी, योग आयोग और धार जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह शिविर दो अनूठी शख्सियतों—वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय अरविंद काशिव एवं वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय संदीप कराले की स्मृति को समर्पित रहा।

दिग्गजों की मौजूदगी ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला

समापन समारोह में खेल और समाज से जुड़ी कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजय बहादुर सिंह “नन्हें भैय्या” (धार) रहे, जिन्होंने युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा की जमकर सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेन्द्र सिंह चौहान ने की, जबकि विशेष अतिथि के रूप में पंकज खत्री एवं पंकज नाडकर मंच पर उपस्थित रहे।

मैदान पर बिखरे प्रतिभा के रंग

इस 36वें समर कैंप में धार के बच्चों और युवाओं का जोश देखने लायक था। अनुभवी कोचों की देखरेख में चले इस शिविर में खिलाड़ियों ने कई विधाओं में पसीना बहाया और अपनी स्किल्स को निखारा:

  • क्रिकेट: बल्ले और गेंद की बारीकियों को सीखा।

  • कराटे और ताइक्वांडो: आत्मरक्षा (Self-Defense) के गुर और अनुशासन का पाठ पढ़ा।

  • फिजिकल एक्टिविटीज और फिटनेस ट्रेनिंग: शारीरिक और मानसिक मजबूती के लिए स्पेशल सेशन्स हुए।

शिविर का उद्देश्य: केवल खेल सिखाना नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं की खेल प्रतिभाओं को सही दिशा देकर उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाना था।

परंपरा और सम्मान का संगम

कार्यक्रम का आगाज बेहद भावुक और सम्मानजनक रहा। अतिथियों द्वारा श्रीमंत महाराज स्वर्गीय हेमेंद्र सिंह पवार, स्वर्गीय अरविंद काशिव एवं स्वर्गीय संदीप कराले के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। इसके बाद स्वागत का सिलसिला शुरू हुआ। धार डिस्ट्रिक्ट कल्चरल सोसायटी के अध्यक्ष धीरेन्द्र दिघे ने मुख्य अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। योग गुरु जगदीश शर्मा, डिंपल परमार एवं प्रदीप जोशी ने अन्य अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। साथ ही प्रमोद शर्मा, अम्बालाल पाटीदार, कपिल यादव, विजय सोलंकी, राम सोलंकी एवं कुशल शर्मा ने भी अतिथियों की अगवानी की।

हर चेहरा मुस्कुराया, मिला प्रोत्साहन

कार्यक्रम की प्रस्तावना और स्वागत भाषण योग गुरु जगदीश शर्मा ने दिया। इसके बाद सम्मान का दौर चला, जहां अतिथियों को प्रदीप जोशी “किका भाई” द्वारा स्मृति-चिन्ह भेंट किए गए। कैंप को सफल बनाने वाले सभी कोचेस (प्रशिक्षकों) को मंच पर सम्मानित किया गया। वहीं, जब शिविर में भाग लेने वाले नन्हे-मुन्ने और युवा खिलाड़ियों को प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिन्ह दिए गए, तो उनके चेहरे खिल उठे।

गुरुजी के संचालन ने बांधा समां

पूरे कार्यक्रम को एक सूत्र में पिरोने और इसे रोचक बनाए रखने का काम रामगोपाल शर्मा “गुरूजी” ने किया। उन्होंने न सिर्फ मंच का सफल संचालन किया, बल्कि अंत में सभी का आभार भी जताया। इस ऐतिहासिक समापन समारोह के साक्षी खेल, स्वास्थ्य और योग जगत के कई गणमान्य नागरिक, जागरूक अभिभावक और बड़ी संख्या में उत्साहित प्रशिक्षणार्थी बने। धार का यह खेल मैदान गवाह बना कि यहाँ की माटी में खेल की प्रतिभाएं कूट-कूट कर भरी हैं, बस ज़रूरत है तो ऐसे ही सही मंच की।

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