फरियादी राजवीर से छीने थे 70,000 और मोबाइल
पुलिस ने एक तीर से किए चार शिकार, भेजे गए जेल
धार। वरिष्ठ अधिकारियों के कड़े निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत राजगढ़ थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर लूट की सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर बदमाशों को दबोच लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक पुराना हिस्ट्रीशीटर है, जो कई अन्य मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था।
क्या थी घटना
बीते 28 मई 2026 को फरियादी राजवीर मालवी ने थाना राजगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाशों ने उनके साथ मारपीट कर 70,000 रुपए नगद, मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज लूट लिए हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4) के तहत अपराध क्रमांक 232/2026 दर्ज कर जांच शुरू की थी।
तकनीक और मुखबिर के जाल में फंसे लुटेरे
लूट की इस वारदात को चुनौती के रूप में लेते हुए राजगढ़ पुलिस ने चारों तरफ जाल बिछाया। तकनीकी साक्ष्यों की मदद और सटीक मुखबिर तंत्र की सूचना के आधार पर पुलिस ने 10 जून बुधवार को घेराबंदी कर दो आरोपियों को धर दबोचा। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपियों ने लूट की वारदात को अंजाम देना कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मशरूका भी बरामद कर लिया है।
गिरफ्तार और फरार आरोपियों की कुंडली
सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी:
- मुकेश पिता धुंधरा (उम्र 30 वर्ष) — निवासी कालीदेवी, थाना टांडा, जिला धार।
- बबलू उर्फ बाबू पिता वीरसिंह (उम्र 20 वर्ष) — निवासी कालीदेवी, थाना टांडा, जिला धार।
बड़ी कामयाबी: गिरफ्तार आरोपी मुकेश एक शातिर अपराधी है, जो थाना राजगढ़ के ही तीन अन्य गंभीर मामलों (अपराध क्रमांक 311/2025, 319/2025 और 207/2025) में लंबे समय से फरार चल रहा था। इन मामलों में BNS की विभिन्न धाराओं सहित आर्म्स एक्ट भी शामिल है। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने एक साथ चार मामलों का निपटारा किया है।
इनकी तलाश में जुटी है पुलिस
- जालमसिंह पिता नेदिया (निवासी कालीदेवी, थाना टांडा)
- नेहरू पिता खेलूं (निवासी कालीदेवी, थाना टांडा)
पुलिस को मिला ये सामान
पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने एक रियलमी कंपनी का मोबाइल, फरियादी के महत्वपूर्ण दस्तावेज और 16,000 रुपए नगद जब्त की है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल और लूट का पर्दाफाश करने में राजगढ़ थाने की टीम ने दिन-रात एक कर दिया। इस सराहनीय कार्य में उपनिरीक्षक कीर्तन नायक, निहालसिंह दंडोतिया, सहायक उपनिरीक्षक सैयद अहमद, सुनील राजपूत, रईस पठान, प्रधान आरक्षक विपिन कटारा, आरक्षक दिलीप, अंकित, अमर, सुभाष एवं अमित शामिल रहे। उच्च अधिकारियों द्वारा पुलिस टीम के इस त्वरित और सूझबूझ भरे एक्शन की सराहना की गई है।
