Headlines

धार : सोनोग्राफी और एमटीपी सेंटरों पर कसेगा शिकंजा

नियमों की अनदेखी पर होगी सख्त कार्रवाई

सोनोग्राफी सेंटरों की जांच के लिए निरीक्षण दल गठित

​धार। जिले में लिंगानुपात के संतुलन को बनाए रखने और गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसी एंड पीएनडीटी) व गर्भपात (एमटीपी) नियमों के कड़े पालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क मोड पर आ गया है। अब जिले के सभी निजी सोनोग्राफी और एमटीपी केंद्रों की गहन पड़ताल होगी, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत नकेल कसी जा सके।

​सोमवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय के सभाकक्ष में पीसी एंड पीएनडीटी एवं एमटीपी एक्ट के तहत जिला सलाहकार समिति की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता सीएमएचओ एवं सक्षम प्राधिकारी डॉ. अनिता सिंगारे ने की, जिसमें नोडल अधिकारी डॉ. नंदिता निगम सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान जिले में लिंगानुपात की मौजूदा स्थिति, धामनोद क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर किए गए निरीक्षण और वर्तमान में पंजीकृत सेंटरों की विस्तृत समीक्षा की गई।

​बैठक में ऑनलाइन प्रक्रियाओं की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया कि एमपी ऑनलाइन के एमआईएस सॉफ्टवेयर के जरिए कुल 09 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से अल्ट्रासाउंड सेंटर के नए पंजीयन के लिए 02 और संशोधन के लिए 07 आवेदन दर्ज हैं, जबकि एमटीपी के तहत नवीन पंजीयन का 01 आवेदन जिला कार्यालय को मिला है। समिति ने नोडल अधिकारी की निरीक्षण रिपोर्ट और संलग्न अर्हता दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। सभी आवश्यक मापदंडों पर सही पाए जाने वाले आवेदनों को ही नियमानुसार पंजीयन और संशोधन की स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया।

​सक्षम प्राधिकारी डॉ. अनिता सिंगारे ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि शासन की अद्यतन गाइडलाइन के तहत गठित विशेष दल जिले के सभी निजी सोनोग्राफी और एमटीपी केंद्रों का औचक व निर्धारित प्रारूप में निरीक्षण करेगा। इस सघन निगरानी और जांच अभियान का सीधा असर यह होगा कि अवैध लिंग परीक्षण जैसी गतिविधियों पर रोक लगेगी और निर्धारित मानकों में कोई भी कमी पाए जाने पर संबंधित सेंटरों के विरुद्ध तत्काल कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *