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रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बन रहे प्रदेश के युवा : मुख्य सचिव बर्णवाल

मुख्य सचिव ने उद्यमियों और किसानों से किया सीधा संवाद

धार। जब युवा नौकरी ढूंढने की कतार छोड़कर दूसरों को आजीविका देने की राह चुनते हैं, तब आत्मनिर्भरता कागजी दावों से निकलकर धरातल पर दिखने लगती है। धार में आयोजित संवाद कार्यक्रम में तकनीक, आधुनिक खेती और हथकरघा के जरिए अपनी तकदीर बदलने वाले स्थानीय युवाओं और किसानों की उपलब्धियां कुछ इसी बदलाव की गवाही दे रही थीं।

​मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने शुक्रवार अपराह्न जिला पंचायत धार के सभागार में ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ के अंतर्गत आयोजित ‘यशस्वी संवाद एवं उद्यमी संवाद’ में जिले के सफल उद्यमियों, प्रगतिशील किसानों, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और खिलाड़ियों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, विधायक नीना वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेडा, कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

​संवाद के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार की मंशा केवल ऋण या अनुदान बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार प्रदाता बनाना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एमपी एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2025 और एमपी स्टार्ट-अप योजना 2025 के माध्यम से नवाचार को गति दी जा रही है। ऐसे आयोजनों से शासन और नागरिकों के बीच भरोसा मजबूत होता है।

​कार्यक्रम में स्थानीय प्रतिभागियों ने अपने जमीनी अनुभव और सफलता के आंकड़े साझा किए:

  • ​आईटी और नवाचार : कोशल्यम लर्निंग सॉल्यूशन के 28 वर्षीय प्रभांशु पंड्या ने बताया कि उन्होंने सॉफ्टवेयर स्टार्ट-अप के जरिए 13 युवाओं को रोजगार दिया और 50 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल किया। उनका नाम पीएम एडमिनिस्ट्रेटर पुरस्कार के लिए नामांकित हुआ है। वे प्रशासन के सहयोग से स्कूलों में एआई प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।
  • ​महिला स्वावलंबन : मांडव की नेहा जायसवाल ने ब्लॉक प्रिंटिंग व हथकरघा के माध्यम से महिलाओं को जोड़कर 15 से 18 हजार रुपये प्रतिमाह की आय सुनिश्चित कराई।
  • ​आधुनिक एवं जैविक कृषि : रूपाखेड़ा के लखन-मोहनलाल पाटीदार ने पॉलीहाउस में गुलाब की खेती से प्रति एकड़ 18 लाख रुपये का मुनाफा अर्जित किया। तिलगारा के लखन पाटीदार ने 1000 वर्गमीटर में ऑटोमेशन आधारित ब्लूबेरी की खेती से 4.50 लाख रुपये कमाए और 23 किसानों को प्रेरित किया। वहीं, देवधा की संगीता भाभर ने देशी बीज बैंक में 6 क्विंटल पारंपरिक बीजों का संरक्षण कर 234 किसानों को बायो-इनपुट उपलब्ध कराया।
  • ​खेल और अन्य क्षेत्र : बैडमिंटन खिलाड़ी सौरभ वर्मा, मल्लखंब खिलाड़ी जयपाल, मेधावी छात्रा अंशिका, उद्यमी मुजिबु रहमान, कपिल अग्रवाल, नकुल जोशी और दीपक भारती ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए सुझाव दिए।

कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने जिले में एमएसएमई, औद्योगिक क्षेत्र निर्माण, नई रेलवे लाइन तथा स्वरोजगार योजनाओं की अद्यतन प्रगति का ब्योरा प्रस्तुत किया।

​मुख्य सचिव ने सभी सफल प्रतिभागियों की सराहना करते हुए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक अड़चनों को दूर कर प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए। शासन स्तर पर मिलने वाले इन सरलीकृत नियमों और प्रशासनिक सहयोग से आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर नए स्टार्ट-अप्स, आधुनिक खेती के प्रयोगों और ग्रामीण स्वरोजगार को और अधिक गति मिलने की संभावना है।

 

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