खाईवाल फरार, संगठित अपराध कानून के तहत होगी कार्रवाई
मकान मालिक पर भी लटकेगी कानूनी तलवार
धार। तिलक मार्ग पर बंद दरवाजों के पीछे चल रहे अवैध सट्टे के नेटवर्क पर मनावर पुलिस ने अचानक दबिश देकर शिकंजा कस दिया। पुलिस ने मौके से सट्टा अंक लिख रहे एक आरोपी को रंगे हाथ धर दबोचा, जबकि मुख्य खाईवाल चकमा देकर भागने में सफल रहा। पुलिस ने मौके से नकदी, मोबाइल फोन और सट्टा पर्चियां जब्त कर पूरे नेटवर्क की परतें उधेड़ना शुरू कर दिया है।
12 सितंबर शनिवार को मनावर थाना प्रभारी को तिलक मार्ग स्थित एक मकान में अवैध रूप से सट्टा अंक लिखे जाने की पुख्ता सूचना मिली थी। धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर और एसडीओपी बृजेश मालवीय के मार्गदर्शन में उप निरीक्षक रानी राठौर के नेतृत्व में टीम गठित कर दबिश दी गई। इस कार्रवाई में पुलिस ने मनावर निवासी राजेंद्र ठाकुर (पिता गोपाल ठाकुर) को मौके से गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 4,940 रुपए नकद, 3 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, लीड पेन और सट्टा अंक लिखी पर्चियां बरामद हुईं। वहीं, तिलक मार्ग निवासी दूसरा आरोपी राहुल धोबी (पिता परमानन्द धोबी) मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
कार्रवाई में निरीक्षक राजेश यादव, उप निरीक्षक रानी राठौर, उप निरीक्षक शरद बर्डे, सहायक उप निरीक्षक राजेश गहलोत, प्रधान आरक्षक रंजीत मुवेल, प्रधान आरक्षक ललित कुमरावत, आरक्षक राहुल सोलंकी, आरक्षक जगदीश सुलिया और आरक्षक रामेश्वर जमरे की अहम भूमिका रही।
इस कार्रवाई के बाद अब अवैध गतिविधियों को पनाह देने वालों पर भी शिकंजा कसने वाला है। पुलिस उस मकान की गहन जांच कर रही है जहां यह अड्डा संचालित था; संलिप्तता मिलने पर मकान मालिक या स्थान उपलब्ध कराने वाले के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, पुलिस आरोपियों के संपर्कों और सट्टा नेटवर्क के तार खंगाल रही है, यदि यह गतिविधि संगठित सिंडिकेट के रूप में सामने आती है, तो आरोपियों पर सामान्य सट्टा अधिनियम के अलावा संगठित गिरोह (संगठित अपराध) से जुड़ी कठोर धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया जाएगा।
