कातरखेड़ा लूटकांड का डही पुलिस ने किया पर्दाफाश
धार। सुनसान रास्ते पर हथियारबंद बदमाशों की धमक और चंद मिनटों में लूट की वारदात धार जिले के कातरखेड़ा मार्ग पर हुई इस सनसनीखेज घटना की गुत्थी को डही पुलिस ने सुलझा लिया है। अनाज लेने जा रहे एक ग्रामीण को रोककर बाइक और मोबाइल लूटने वाले गिरोह के एक सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लूटा गया मशरूका बरामद करने में सफलता हासिल की है।
यह वारदात तब सामने आई जब ग्राम कातरखेड़ा निवासी कैलाश बामनिया ने थाना डही में शिकायत दर्ज कराई। फरियादी के मुताबिक, वह अपनी मोटरसाइकिल से ग्राम जलवट अनाज लेने जा रहा था, तभी सुनसान इलाके में दो अज्ञात बदमाशों ने उसे घेर लिया और जान से मारने का डर दिखाकर मोबाइल व बाइक लूटकर भाग निकले। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर और एसडीओपी कुक्षी सुनील गुप्ता के मार्गदर्शन में गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने संदेही सोहन पिता कमरू भाबर (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम कोदी, थाना टाण्डा) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसने अपने साथी नानका भील (निवासी बड़कच) के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस ने आरोपी सोहन की निशानदेही पर लूटी गई होंडा शाइन मोटरसाइकिल (अनुमानित कीमत 70,000 रुपए) तथा वारदात में इस्तेमाल की गई हीरो डीलक्स बाइक जब्त कर ली है। इस कार्रवाई में सउनि थानसिंह जमरा, प्रआर राकेश, चन्दरसिंह चौगड़, आरक्षक संजय, आरक्षक संदीप और आरक्षक भूपेन्द्रसिंह चौहान की सराहनीय भूमिका रही, जिन्हें पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।
डही पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के ग्रामीण मार्गों पर आवाजाही करने वाले लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। पुलिस अब फरार सह-आरोपी नानका भील की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह की अन्य संभावित गतिविधियों और लूट के अन्य मामलों की कड़ियों के खुलासे की संभावना है।
