पेटलावद रोड पर एक घंटे चक्काजाम, एसडीएम के आश्वासन पर थमा आंदोलन
धार। विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्वास्थ्य के लिए समर्पित कॉलेज परिसर में यदि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनने लगे, तो विरोध होना स्वाभाविक है। धार जिले के बदनावर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां कॉलेज परिसर में एसटीपी निर्माण के फैसले के खिलाफ छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
गुरुवार को शासकीय महाविद्यालय परिसर में प्रस्तावित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने कॉलेज के पास पेटलावद रोड पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जिससे मार्ग पर लगभग एक घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
चक्काजाम की जानकारी मिलते ही पुलिस बल के साथ एसडीएम प्रियंका मिमरोट और तहसीलदार सुरेश नागर घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद छात्रों ने मार्ग से हटकर चक्काजाम और धरना समाप्त किया।
छात्र संगठन ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में तर्क दिया कि कॉलेज परिसर के भीतर एसटीपी बनने से शैक्षणिक वातावरण सीधे तौर पर प्रभावित होगा। साथ ही परिसर की जमीन का उपयोग प्लांट के लिए होने से भविष्य में कॉलेज भवन के नए निर्माण और अन्य जरूरी सुविधाओं के विस्तार में भी रुकावट आएगी। छात्रों ने यह चिंता भी जाहिर की कि प्लांट शुरू होने के बाद उठने वाली दुर्गंध, मच्छरों के प्रकोप और मौसमी बीमारियों का सीधा खतरा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा, इसलिए इस प्लांट को तुरंत परिसर से बाहर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
छात्र नेता मुकुल पंड्या और विनोद चौधरी ने स्पष्ट किया कि एसटीपी को कॉलेज परिसर से हटाना ही इसका एकमात्र समाधान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस मांग पर ठोस कदम नहीं उठाया, तो संगठन भविष्य में इस मुद्दे को लेकर और अधिक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
