धार। जिले के सरदारपुर में मंगलवार की जनसुनवाई उस वक्त गर्मा गई, जब विधायक प्रताप ग्रेवाल ग्रामीणों के साथ सीधे मौके पर पहुंच गए। नाराज विधायक ने प्रशासन पर अनसुनी का आरोप लगाया और साफ चेतावनी दे दी कि जमीन आवंटन के फैसले वापस नहीं हुए तो बड़ा आंदोलन होगा।
सरदारपुर विधानसभा में आयोजित जनसुनवाई में उस समय हलचल मच गई, जब विधायक प्रताप ग्रेवाल बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ पहुंचे। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है, इसलिए उन्हें खुद जनसुनवाई में आना पड़ा।
मौके पर एसडीएम राहुल गुप्ता खुद बाहर आकर विधायक की बात सुनने पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ग्रेवाल ने खासतौर पर सौर ऊर्जा कंपनियों को जमीन आवंटन का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग ने आपत्तियों के बावजूद सरदारपुर की छह पंचायतों बोधली, दंतोली, टांडाखेड़ा, दसई, कचनारिया और हनुमंता काक की जमीन कंपनियों को दे दी।
विधायक ने कहा कि पेसा एक्ट के तहत ग्राम पंचायतों ने समय सीमा में आपत्ति दर्ज कराई थी, यहां तक कि जांच दल और पटवारी स्तर पर भी जमीन देने पर आपत्ति जताई गई थी, फिर भी आदेश जारी कर दिए गए।
उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कॉरपोरेट दबाव में आदिवासियों को उनकी जमीन से बेदखल किया जा रहा है।
ग्रेवाल ने चेतावनी दी कि अगर इन “त्रुटिपूर्ण आदेशों” को वापस नहीं लिया गया तो वे जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन करेंगे और धरना देंगे।
