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पत्नी से बात करने पर दोस्त का गमछे से गला घोंटा, फिर नाले में फेंकी लाश

‘मेहंदी’ वाले दिन रची गई थी मौत की साजिश 

धार | इंदौर में हुई दोस्ती जब ‘इश्क’ के जुनून में बदली, तो उसका अंजाम खौफनाक रहा। सागौर पुलिस ने कुंजरोद के गुलरझिरी नाले में मिली 3-4 दिन पुरानी लाश की गुत्थी सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह मृतक का आरोपी की पत्नी से लगातार फोन पर बात करना और प्रेम संबंध होना सामने आया है। आरोपी ने अपनी बहन की शादी के जश्न के बीच ही दोस्त को मौत के घाट उतारने का प्लान तैयार कर लिया था।

पत्नी नहीं मानी तो दोस्त को बनाया ‘शिकारी’

पुलिस के अनुसार, मृतक संजय भुरिया (26) और आरोपी अजय मालीवाड़ की दोस्ती इंदौर में काम के दौरान हुई थी। इसी बीच संजय के अजय की पत्नी से प्रेम संबंध हो गए। अजय पत्नी को लेकर वापस गांव आ गया, लेकिन संजय का पीछा करना जारी रहा। 23 अप्रैल को अजय की बहन की शादी का मेहंदी कार्यक्रम था, उस दिन भी संजय ने अजय की पत्नी को कई बार फोन किए। इससे गुस्साए अजय ने अपने दोस्त सोहन डावर के साथ मिलकर संजय को ठिकाने लगाने की कसम खा ली।

रात 2 बजे बुलावा, गमछे से घोंटा गला

आरोपियों ने बड़ी चालाकी से संजय को शादी में नाचने और दारू पीने का लालच देकर कुंजरोद बुलाया।

  • लोकेशन: रात 2 बजे संजय अपनी बाइक से उकाला बयड़ी पहुँचा।
  • वारदात: अजय और सोहन उसे बबन चौधरी के खेत पर ले गए। वहाँ मौका पाकर अजय ने अपने गमछे से संजय का गला घोंट दिया।
  • क्रूरता: जब संजय जमीन पर गिर पड़ा, तो अजय ने भारी पत्थर से उसके सिर और शरीर पर कई वार किए ताकि बचने की कोई गुंजाइश न रहे।
  • साक्ष्य मिटाना: हत्या के बाद दोनों ने लाश को संजय की ही बाइक पर लादा और गुलाब पटेल के खेत के पास सूखे नाले में फेंक दिया।

सोशल मीडिया से हुई शिनाख्त, ‘अंधे कत्ल’ का खुलासा

27 अप्रैल को नाले में औंधे मुँह पड़ी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस के पास न पहचान थी, न कोई सुराग। एसपी मयंक अवस्थी के निर्देशन में सागौर टीआई प्रकाश सरोदे की टीम ने सोशल मीडिया पर मृतक के फोटो प्रसारित किए। शिनाख्त होने के बाद कड़ियां जुड़ती गईं और मुखबिर की सूचना पर अजय मालीवाड़ को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने सारा सच उगल दिया।

टीम को मिलेगा इनाम

टीम में सागौर थाना प्रभारी प्रकाश सरोदे, ASI रामप्रसाद मालवीय, ASI राजेश सिलोरिया, HC अनिल राठौर, HC संजय सिसोदिया, HC ब्रजेश सिंह पंवार, HC आमिर अंसारी, HC मनीष चौधरी, HC रवि सुसनेरिया, आरक्षक प्रदीप यादव, आरक्षक धर्मेंद्र यादव, सायबर शाखा धार के आर. प्रशांत चौहान का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने पुलिस टीम को उचित पुरस्कार देने की घोषणा की है। 

आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं, जिनसे हत्या में इस्तेमाल पत्थर और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

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