कलेक्टर बोले- धार की संभावनाओं को मिलेगी नई उड़ान; युवाओं को स्किल ट्रेनिंग और पर्यटन का विस्तार प्राथमिकता
धार | जिले के नवनियुक्त कलेक्टर ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों के साथ परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान पत्रकारों ने ‘चौथी दुनिया’ के सजग प्रहरी की भूमिका निभाते हुए जिले की नब्ज कलेक्टर के सामने रखी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 2012 बैच के अधिकारी के रूप में उनके पास इंदौर, उज्जैन, सागर और नीमच जैसे शहरों का प्रशासनिक अनुभव है, जिसका लाभ धार को मिलेगा।
पत्रकारों ने रखी जिले की ‘पीड़ा’ और सुझाव
बैठक में मीडिया प्रतिनिधियों ने धार की बदहाल खेल सुविधाओं से लेकर अस्पतालों की अव्यवस्था तक का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया:
- मैदान की बदहाली: धार के एकमात्र एसपीडी ग्राउंड की दुर्दशा और वहां पिछले 5 सालों से खड़ी खंडहर होती इमारतों पर कलेक्टर का ध्यान खींचा गया।
- अस्पताल में ‘विजन’ की कमी: जिला अस्पताल में दूरगामी सोच (50-60 साल के विजन) के अभाव, साजो-सामान के खराब रखरखाव और सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर चर्चा हुई।
- एक्सीडेंटल जोन की छवि: जिले को हादसों के दाग से मुक्ति दिलाने और इंदौर-धार रेलवे लाइन के काम में तेजी लाने की मांग की गई।
- पंचायत में भ्रष्टाचार: ग्रामीण क्षेत्रों और पंचायतों में व्याप्त भ्रष्टाचार, अवैध उत्खनन और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त एक्शन का सुझाव दिया गया।
कलेक्टर का विजन: अब ब्लॉक स्तर पर होगा समाधान
मीडिया के सुझावों को सुनने के बाद कलेक्टर ने जिले के विकास के लिए अपना खाका पेश किया:
- प्रशासनिक सुधार: जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी को ब्लॉक स्तर पर इतना मजबूत किया जाएगा कि ग्रामीणों को मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
- औद्योगिक क्रांति: उद्योगों की मांग के अनुसार स्थानीय युवाओं को स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर रोजगार मिल सके।
- पर्यटन को पंख: ऐतिहासिक मांडू और धार के राजवाड़ा सहित शासन संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर सहमति जताई।
सीधे सवाल – सीधे जवाब
सवाल: धार पिछले कुछ समय से नवाचारों से अछूता रहा है, आपकी क्या प्राथमिकता है?
जवाब: धार शासन के लिए महत्वपूर्ण है। पीएम मित्रा पार्क और औद्योगिक क्षेत्रों के जरिए हम विकास को नई गति देंगे। रोड सेफ्टी और इंडस्ट्रियल सेफ्टी हमारी टॉप प्रायोरिटी है।
सवाल: खेल मैदान खंडहर हो रहे हैं, स्पोर्ट्स सुविधाओं का क्या होगा?
जवाब: स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना हमारी प्रतिबद्धता है। हम युवाओं के लिए खेल सुविधाओं में सुधार करेंगे।
कलेक्टर का प्रशासनिक सफर:
2012 बैच के अधिकारी रहे कलेक्टर इससे पहले इंदौर, उज्जैन, सागर, देवास, नीमच और सिंगरौली जैसे महत्वपूर्ण जिलों में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे चुके हैं।
