बडिया में सुक्कड़ नदी का गहरीकरण, सिंघाना के मलवाड़ा घाट पर ‘जल सेवा समागम’; जन अभियान परिषद का एक्शन मोड
धार | जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रदेश भर में चल रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2026’ के तहत धार जिले में उत्साह का माहौल है। जन अभियान परिषद के नेतृत्व में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कहीं नदियों की प्यास बुझाने के लिए गहरीकरण हो रहा है, तो कहीं मां नर्मदा के तटों को स्वच्छता से चमकाया जा रहा है।
गंधवानी: सुक्कड़ नदी में चला सफाई का ‘शस्त्र’, सजी जल चौपाल
विकासखंड गंधवानी के जीराबाद सेक्टर में नवांकुर संस्था (वासली आदर्श सेवा समिति) ने एक अनूठी पहल की। ग्राम बडिया में सुक्कड़ नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए संस्था के सदस्यों और ग्रामीणों ने मिलकर गहरीकरण और साफ-सफाई का मोर्चा संभाला।
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शपथ और संकल्प: नदी पूजन के बाद आयोजित ‘जल चौपाल’ में ग्रामीणों को पानी की एक-एक बूंद बचाने की महत्ता समझाई गई।
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मार्गदर्शन: इस दौरान विकासखंड समन्वयक दयाराम मुवेल, संस्था अध्यक्ष भारत डोडवे, मानसिक कवचे और सचिव नरसिंह ने ग्रामीणों को जल संवर्धन के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया।
मनावर: नर्मदा तट पर सेवा समागम, नारों से दी जल संरक्षण की सीख
उधर, मनावर के सिंघाना सेक्टर में आस्था और पर्यावरण का संगम देखने को मिला। ग्राम मलवाड़ा घाट पर ‘जल स्रोत सेवा समागम’ का आयोजन किया गया।
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स्वच्छता श्रमदान: नवांकुर संस्था के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने पहले मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की, फिर पूरे घाट परिसर में झाड़ू थामकर सफाई की।
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दीवार लेखन: जन-जागरूकता फैलाने के लिए घाट की दीवारों पर प्रेरक नारे लिखे गए, ताकि आने वाले श्रद्धालु स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति सजह रहें।
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सामूहिक शपथ: कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने जल स्रोतों को प्रदूषित न करने और उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
केवल सफाई नहीं, भविष्य की तैयारी
जन अभियान परिषद के ये कार्यक्रम केवल प्रतीकात्मक नहीं हैं। नदियों का गहरीकरण मानसून में जल स्तर बढ़ाने में मददगार साबित होगा, वहीं घाटों पर स्वच्छता अभियान से नर्मदा के शुद्धिकरण को बल मिल रहा है। प्रशासन और जनता की यह जुगलबंदी धार जिले में जल क्रांति की नई इबारत लिख रही है।

