डसॉल्ट और डेकाथलॉन जैसे बड़े ब्रांड्स के साथ होगा निवेश का महासंगम
भोपाल | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े औद्योगिक घरानों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इसी कड़ी में 12 मई को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में ‘इंडो-फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव’ होने जा रहा है। यह आयोजन राज्य को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट मैप पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
डसॉल्ट से डेकाथलॉन तक: एमपी में दिखेगी फ्रांस की ताकत
फ्रांस की कई नामी कंपनियां मध्यप्रदेश में अपनी जड़ें जमाने को तैयार हैं:
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डसॉल्ट सिस्टम्स: शहरी विकास, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट में वर्चुअल ट्विन टेक्नोलॉजी के जरिए सहयोग करेगी।
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डेकाथलॉन: रिटेल विस्तार, सप्लाई चेन और स्पोर्ट्स आधारित स्किलिंग मॉडल पर फोकस कर रही है।
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सनोफी: एम्स भोपाल के साथ मिलकर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने पर चर्चा कर रही है।
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सूफलेट माल्ट: किसानों के साथ कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और सप्लाई चेन के लिए प्रस्ताव दे चुकी है।
इन सेक्टर्स पर रहेगा विशेष फोकस
कॉन्क्लेव में एग्रो-फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल (EV), डिफेंस, एविएशन, फार्मा, रिन्यूएबल एनर्जी और टेक्सटाइल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में तकनीकी साझेदारी और निवेश पर जोर दिया जाएगा। शासन का लक्ष्य केवल पैसा लाना नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और रिसर्च कोलैबोरेशन के जरिए राज्य को ‘इनोवेशन हब’ बनाना है।
जीआईएस-2027 की तैयारी: फ्रांस बनेगा रणनीतिक साझेदार
यह कॉन्क्लेव साल 2027 में होने वाली ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ (GIS-2027) का आधार तैयार करेगा। कार्यक्रम में फ्रांस के राजदूत, वैश्विक कंपनियों के सीईओ और प्रदेश के करीब 80 उद्योगपति शामिल होंगे। इस दौरान B2B (बिजनेस टू बिजनेस) और B2G (बिजनेस टू गवर्नमेंट) बैठकों का दौर चलेगा, जिसमें सीएम डॉ. यादव कंपनियों के साथ वन-टू-वन चर्चा भी करेंगे।
सांस्कृतिक मेलजोल: ट्राइबल म्यूजियम और भीमबेठका का दीदार
निवेश के साथ-साथ मध्यप्रदेश की संस्कृति को भी ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर पेश किया जा रहा है। 11 मई को फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल के जनजातीय संग्रहालय का दौरा कर प्रदेश की कला को सराहा। मंगलवार को यह दल यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज भीमबेठका की रॉक पेंटिंग्स देखने जाएगा।
जनसमाचार एमपी इनसाइट: क्यों खास है यह कॉन्क्लेव?
मध्यप्रदेश अब निवेश मांगने वाले राज्य की इमेज से बाहर निकलकर ‘एक्टिव इंडस्ट्रियल पार्टनर’ की भूमिका में आ गया है। इस आयोजन से न केवल हजारों रोजगार पैदा होंगे, बल्कि एमपी को फ्रांस की अत्याधुनिक तकनीक (जैसे- केबल कार सिस्टम, मेट्रो और डेटा सेंटर) का लाभ भी मिलेगा।
मुख्य आकर्षण: मुख्यमंत्री की मौजूदगी में कई बड़ी कंपनियां ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) पेश करेंगी और महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) साइन किए जाएंगे।
