‘सिंहस्थ: एक परिचय’ फिल्म देखकर जवानों में भरा जोश
भीड़ नियंत्रण से लेकर आपदा प्रबंधन तक की मिलेगी ‘स्पेशल ट्रेनिंग’
धार। सिंहस्थ-2028 को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए धार पुलिस ने अभी से अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में प्रथम प्रशिक्षण सत्र का शंखनाद हुआ। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि इंदौर ग्रामीण रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। सिंहस्थ जैसे वैश्विक महापर्व में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेवा के लिए पुलिसकर्मियों को ‘हाई-टेक और संवेदनशील’ बनाने की यह एक मजबूत शुरुआत है।
गर्मजोशी से हुआ स्वागत, दिखी ‘सिंहस्थ’ की झलक
कार्यक्रम की शुरुआत में सबसे पहले सभी प्रशिक्षणार्थियों का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) कर उन्हें स्टडी मटेरियल, फाइल फोल्डर और प्रशिक्षण कार्ड बांटे गए। इसके बाद स्वागत का सिलसिला शुरू हुआ। एसपी धार सचिन शर्मा ने मुख्य अतिथि डीआईजी मनोज कुमार सिंह का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। एडिशनल एसपी विजय डावर ने एसपी सचिन शर्मा का स्वागत किया। रक्षित निरीक्षक पुरुषोत्तम बिश्नोई ने मंच से सभी का स्वागत करते हुए उद्बोधन दिया।
कार्यक्रम में एक खास आकर्षण पुलिस मुख्यालय द्वारा तैयार की गई “सिंहस्थ : एक परिचय” वीडियो क्लिप रही। इस शॉर्ट फिल्म को देखकर वहां मौजूद सभी पुलिसकर्मी सिंहस्थ के महत्व, इसके विशाल स्वरूप और आयोजन की भव्यता से रूबरू हुए।

क्या है इस ट्रेनिंग का ब्लूप्रिंट
एडिशनल एसपी विजय डावर ने ट्रेनिंग प्रोग्राम का पूरा खाका सामने रखा। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को आम पुलिसिंग से हटकर महापर्व के स्तर की तैयारी कराई जा रही है। इस सत्र में मुख्य रूप से इन विषयों पर फोकस रहेगा:
- सुरक्षा व्यवस्था और संभावित चुनौतियाँ: हर छोटे-बड़े खतरे से निपटने की रणनीति।
- भीड़ प्रबंधन : लाखों की भीड़ को बिना किसी भगदड़ या अव्यवस्था के संभालना।
- आपदा प्रतिक्रिया : किसी भी आपातकालीन स्थिति में क्विक एक्शन।
- जनसेवा और पुलिसिंग: श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और मददगार व्यवहार।
कप्तानों का गुरुमंत्र: “सेवा, सुरक्षा और अनुशासन”
एसपी धार सचिन शर्मा ने जवानों में जोश भरते हुए कहा कि सिंहस्थ सिर्फ एक ड्यूटी नहीं, बल्कि सेवा का अवसर है। उन्होंने सभी को अनुशासन, अटूट कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने मार्गदर्शन देते हुए कहा कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में पुलिस की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने प्रभावी आपसी समन्वय और सुरक्षा प्रबंधन के गुर सिखाए।
ये रहे उपस्थित
इस उद्घाटन सत्र में धार जिले के कई वरिष्ठ अधिकारियों सहित कुल 71 प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डीएसपी (अजाक) आनंद तिवारी, एसडीओपी बदनावर अरविंद सिंह तोमर, रक्षित निरीक्षक पुरुषोत्तम बिश्नोई, रक्षित निरीक्षक (यातायात) प्रेमसिंह ठाकुर और हार्टफुलनेस संस्था के प्रशिक्षकगण विशेष रूप से मौजूद रहे।
