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शहर की बदहाली और सीएम के ‘बिगड़े बोल’ पर बवाल, राज्यपाल व प्रशासन को घेरा कांग्रेस ने

धार में कांग्रेस का डबल अटैक

धार। शहर की बदहाल व्यवस्था और सूबे के मुखिया की ‘अमर्यादित भाषा’ को लेकर आज धार में सियासी पारा चढ़ गया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष जसबीर सिंह टोनी छाबड़ा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर दोहरा मोर्चा खोला। कांग्रेस ने एक तरफ जहां शहर की नरकीय स्थिति को लेकर जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई टिप्पणी के विरोध में सीधे महामहिम राज्यपाल का दरवाजा खटखटाया।

मोर्चा 1: “कचरे का ढेर और कुत्तों का आतंक”, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

कांग्रेस ने जिला कलेक्टर को सौंपे अपने पहले ज्ञापन में धार शहर की प्रशासनिक सुस्ती और चरमराई सफाई व्यवस्था का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि धार इस समय गंदगी और डर के साये में जी रहा है।

ज्ञापन में उठाए गए मुख्य मुद्दे:

  • महापुरुषों का अपमान: शहर के लाल बाग परिसर और विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास कचरे के अंबार लगे हैं, जिससे उनकी गरिमा को ठेस पहुंच रही है।

  • महामारी का खतरा: शहर की लगभग सभी नालियां पूरी तरह चोक हैं। गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। मानसून सिर पर है, ऐसे में शहर पर कभी भी महामारी का बम फूट सकता है।

  • आवारा कुत्तों का ‘खौफराज’: शहर की गलियों में आवारा कुत्तों की तादाद इस कदर बढ़ गई है कि बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना दूभर हो गया है।

कांग्रेस ने दावा किया कि जिला भोज चिकित्सालय और निजी क्लीनिकों के आंकड़े डराने वाले हैं, जहां हर महीने सैकड़ों लोग डॉग बाइट (कुत्ते के काटने) का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की है।

मोर्चा 2: “मुख्यमंत्री पद की मर्यादा भूली सरकार”, राज्यपाल से शिकायत

सफाई व्यवस्था के बाद कांग्रेस का दूसरा हमला सीधे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर था। राज्यपाल के नाम सौंपे गए दूसरे ज्ञापन में कांग्रेस ने सीएम की भाषा शैली पर कड़ा ऐतराज जताया है।

मामला क्या है? हाल ही में एक सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ कथित तौर पर “दो कौड़ी का” और “रद्दी” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। कांग्रेस ने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जैसे उच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी ‘सड़क छाप’ भाषा शोभा नहीं देती।

कांग्रेस की मांग : मुख्यमंत्री मोहन यादव इस अमर्यादित व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और राज्यपाल उन्हें भविष्य में राजनीतिक शालीनता बनाए रखने के लिए निर्देशित करें।

प्रदर्शन में ये रहे मौजूद

इस दोहरे प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान धार कांग्रेस की भारी गुटबाजी से इतर एकजुटता देखने को मिली। शहर अध्यक्ष जसबीर सिंह टोनी छाबड़ा के साथ पार्षद अजय सिंह ठाकुर, ईश्वर ठाकुर, बंटी डोड, अशोक सोलंकी, करीम कुरैशी, प्रकाश नायक, कैलाश तिवारी, कैलाश चंद्र शर्मा, सुनील चौहान, भेरू चौहान, त्रिलोक डोडिया, अभिजीत तिवारी, अभय चौहान, रत्नेश जांगड़े, बिहारी डोडिया, मनोज चौहान, अर्पित बाबा, राजेश यादव, रिंकू यादव, करन चौहान, शिवा चौहान, बिहारी सोलंकी, मिक्की गरासिया, अज्जू ठाकुर और मुकेश मालवीय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। जानकारी श्रीजीत तोमर ने दी।

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