पुलिस ने राजगढ़ के शातिर कृष्णा को दबोचा, कोर्ट में पेश
धार। सोशल मीडिया पर दोस्ती और फिर प्यार के जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। धार पुलिस ने एक नाबालिग लड़की को अपनी हवस और लालच का शिकार बनाने वाले शातिर आरोपी कृष्णा शर्मा को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने दुर्घटना और अन्य बहानों से नाबालिग से करीब 6 लाख रुपये ऐंठ लिए और पैसे वापस मांगने पर उसे बदनाम करने की धमकी देने लगा।
स्नैपचैट पर ‘फ्रेंडशिप’ से शुरू हुआ खेल
मामला 7 जून का है, जब राजगढ़ थाने में पीड़ित परिवार ने एक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, आरोपी कृष्णा (पिता महेश शर्मा, निवासी राजगढ़) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट के जरिए नाबालिग बालिका से दोस्ती की थी। धीरे-धीरे उसने लड़की को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया और उसका भरोसा जीत लिया।
एक्सीडेंट का बहाना बनाकर ऐंठे लाखों रुपये
विश्वास जीतने के बाद आरोपी ने अपना असली रंग दिखाना शुरू किया। उसने कभी एक्सीडेंट तो कभी किसी अन्य जरूरी काम का बहाना बनाकर नाबालिग से लगातार रुपयों की मांग की। प्यार के धोखे में आई पीड़िता आरोपी को पैसे देती रही। इस तरह आरोपी ने धीरे-धीरे करके पीड़िता से लगभग 06 लाख रुपये हड़प लिए।
पैसे वापस मांगे तो करने लगा ब्लैकमेल और छेड़छाड़
जब पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ और उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी कृष्णा अपनी औकात पर आ गया। उसने न सिर्फ पीड़िता के साथ छेड़छाड़ की, बल्कि उसे सोशल मीडिया और समाज में बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 247/2026 दर्ज किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 115(2), 308(2), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत केस दर्ज किया गया है।
आरोपी गिरफ्तार, उड़ा चुका है रकम
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी कृष्णा शर्मा को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि ब्लैकमेल कर नाबालिग से ऐंठे गए 6 लाख रुपये वह अपनी ऐश-ओ-आराम में खर्च कर चुका है। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय सरदारपुर के समक्ष पेश किया है।
केस की 5 बड़ी बातें:
- डिजिटल जाल: स्नैपचैट के जरिए नाबालिग को बनाया निशाना।
- भरोसे का कत्ल: प्रेम जाल में फंसाकर पहले विश्वास जीता।
- बड़ी ठगी: एक्सीडेंट और अन्य बहानों से 6 लाख ऐंठे।
- क्राइम: पैसे वापस मांगने पर छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग पर उतरा।
- बदनामी का डर: पीड़िता को डरा-धमकाकर चुप रखने की कोशिश की।
इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
इस अंधेरे खेल का पर्दाफाश करने और आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने में राजगढ़ पुलिस की टीम ने बेहतरीन काम किया। इस पूरी कार्यवाही में उपनिरीक्षक जुली अमलियार, प्रधान आरक्षक रैमसिंह बर्डे, आरक्षक सुभाष और आरक्षक दिलीप की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।
