Headlines

“प्रिंसिपल एसी में, छात्राएं नेचुरल हवा के सहारे”

बदहाली और असुरक्षा के खिलाफ पीथमपुर स्कूल में 335 छात्राओं ने जड़ा ताला

धार। “कक्षाओं में पंखे नहीं हैं तो प्रिंसिपल कहती हैं नेचुरल हवा लो, जबकि खुद एसी में बैठती हैं; पीने का पानी चाहिए तो एसडीएम दफ्तर से भरकर लाओ।” बदहाली, उपेक्षा और असुरक्षा के साये में पढ़ाई करने को मजबूर छात्राओं का सब्र आखिरकार टूट गया और उनके तीखे सवालों ने स्कूल प्रबंधन से लेकर स्थानीय प्रशासन तक को कटघरे में खड़ा कर दिया।

धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेक्टर नंबर 1 में करीब 335 छात्राओं ने व्यवस्थाओं से त्रस्त होकर स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला जड़ दिया। छात्राओं ने परिसर के बाहर एकत्रित होकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जोरदार प्रदर्शन किया। हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। वहीं स्थिति का जायजा लेने और छात्राओं की शिकायतें सुनने नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड़ भी घटना स्थल पर पहुंचे।

प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने मीडिया के सामने स्कूल की बदहाली की परतें खोलीं। छात्रा रोशनी कुशवाहा ने बताया कि स्कूल में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। परिसर में कोई भी अनजान व्यक्ति बेरोक-टोक घुस आता है और मारपीट की घटनाएं होती हैं। छात्रा के अनुसार, वे पिछले चार वर्षों से यानी कक्षा नौवीं से इसी डर और असुरक्षा के बीच पढ़ रही हैं। रोशनी ने आरोप लगाया कि कक्षाओं में पंखे तक नहीं लगे हैं। जब इसकी शिकायत प्राचार्य से की जाती है, तो वे छात्राओं को ‘नेचुरल हवा’ लेने की नसीहत देकर टाल देती हैं, जबकि प्राचार्य के स्वयं के कक्ष में एसी लगा हुआ है। इसके अलावा विद्यालय में पीने के पानी का कोई प्रबंध नहीं है और छात्राओं को बगल के स्कूल या एसडीएम कार्यालय से पानी भरकर लाने को कहा जाता है। शौचालयों की नियमित सफाई न होने से परिसर में भीषण गंदगी बनी रहती है। बार-बार लिखित आवेदन देने के बाद भी प्राचार्य स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

वहीं छात्रा गीता कुमारी ने शैक्षणिक सामग्रियों के अभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सत्र की पहली तिमाही (टर्मिनल) परीक्षा बीत चुकी है और अब छमाही परीक्षाएं सिर पर हैं, लेकिन छात्राओं को अब तक किताबें ही नहीं मिली हैं। इस संबंध में दो से तीन बार आवेदन दिए गए, लेकिन प्रबंधन केवल ‘हो जाएगा’ कहकर मामले को टालता रहा।

मामले के तूल पकड़ने के बाद नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड़ और पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्राओं से विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने छात्राओं को आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं की जांच कर इनका जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा।

लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं, पठन-पाठन सामग्री और परिसर में छात्राओं की शारीरिक सुरक्षा की अनदेखी का यह मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में है। यदि प्रशासन दिए गए भरोसे के अनुसार पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा पहरे और किताबों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित नहीं करता है, तो छात्राओं की आगामी परीक्षाओं की तैयारी और शैक्षणिक वातावरण पर इसका सीधा प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

नायब तहसीलदार राहुल गायकवाड़ ने बताया कि शासकीय कन्या विद्यालय के अंदर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की कुछ अपने स्टूडेंट हैं स्कूल की, उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन भी दिया है। ज्ञापन के अंदर उन लोगों ने स्कूल का निरीक्षण भी कर लिया है। उसका प्रतिवेदन ज्ञापन के साथ में कलेक्टर महोदय और एसडीएम महोदय को दिया जाएगा। इनकी मूलभूत सुविधाएं जैसे पानी है, लेट-बाथ की साफ़-सफाई नहीं होना, लैब के अंदर सामान का अभाव होना बताया है। इसका जल्दी से जल्दी निराकरण करने की व्यवस्था की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *