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हथियारबंद लूट के बाद बैंक खाते में लगाई थी सेंध, पिस्टल और नकदी समेत आरोपी दबोचा

धार। सड़क पर चलती बाइक के आगे गाड़ी अड़ाना, फिर देशी कट्टा और फालिया दिखाकर नकदी व मोबाइल छीन लेना—बदमाशों का दुस्साहस यहीं नहीं थमा, उन्होंने लूटे गए फोन से यूपीआई के जरिए पीड़ित का बैंक खाता भी साफ कर दिया। धार जिले की बाग थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल फरार तीसरे आरोपी को घेराबंदी कर धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटा गया सामान, वारदात में इस्तेमाल बाइक और एक देशी पिस्टल बरामद कर ली है।

मामला 21 सितंबर की शाम का है, जब कुक्षी थाना क्षेत्र के कापसी निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग रामा भायल अपने साथी महेंद्र कुमार के साथ डेहरी से लौट रहे थे। शाम करीब 5:30 बजे टेकी रोड पर हनुमान मंदिर के सामने एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने रास्ता रोककर हथियार ताने और दो मोबाइल व 3,000 रुपये नकद लूट लिए। अगले दिन जब पीड़ित ने बैंक खाता जांचा, तो पता चला कि बदमाशों ने छीने गए मोबाइल के यूपीआई से 24,630 रुपये भी निकाल लिए हैं। 24 सितंबर को दर्ज रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा के निर्देश, एएसपी विजय डावर एवं एसडीओपी कुक्षी राजीव अग्रवाल के मार्गदर्शन में बाग थाना प्रभारी हिरूसिंह रावत और डेहरी चौकी प्रभारी उनि नवलसिंह बघेल के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने दबिश देकर फरार आरोपी संजय उर्फ संजू पिता धनसिंह बिड़वाल (24 वर्ष, निवासी रेहड़दा, हाल मुकाम ग्राम पिपली, मनावर) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट और यूपीआई ट्रांसफर की बात कबूल की। पुलिस ने आरोपी से एक वीवो मोबाइल, 8,000 रुपये नकद, एक देशी पिस्टल और घटना में इस्तेमाल मोटर साइकिल बरामद की है, जिसकी कुल कीमत करीब 1,13,000 रुपये आंकी गई है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बाग हिरुसिंह रावत, उनि नवलसिह बघेल चौकी प्रभारी डेहरी, सायबर सेल प्रभारी भुपेन्द्र खरतिया, आर. प्रशान्त चौहान, प्रआर. भावसिंह रावत, रेलमसिंह भिंड,, आर. प्रीतम, सुनिल, ओमप्रकाश का विशेष योगदान रहा।

लूट के बाद ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई का इस्तेमाल कर खाते खाली करने का यह तरीका ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से एक नई चुनौती पेश कर रहा है। पुलिस अब आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर ले रही है, ताकि गिरोह द्वारा अंजाम दी गई अन्य संभावित वारदातों और गिरोह के नेटवर्क से जुड़ी कड़ियों का खुलासा किया जा सके।

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