धार। 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर होने वाले सामूहिक विवाहों के बीच बाल विवाह की आशंका को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्त तैयारी कर ली है। जिले में कंट्रोल रूम से लेकर उड़न दस्तों तक हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी।
संचालनालय महिला एवं बाल विकास भोपाल के निर्देश पर 20 अप्रैल अक्षय तृतीया के मौके पर जिले में विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुभाष जैन ने बाल विवाह की सूचना के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के आदेश जारी किए हैं।
कंट्रोल रूम प्रभारी के दूरभाष नंबर 07292-357492 पर मिलने वाली सूचनाओं को तुरंत संबंधित परियोजना अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। प्रभारी अपने दल के साथ पूरे समय क्षेत्र में मौजूद रहेंगे और सूचना मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में दल गठित किए गए हैं, जो सामूहिक विवाह समारोहों में वर-वधू की आयु के प्रमाण पत्रों की जांच करेंगे। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वर की आयु 21 वर्ष और वधु की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।
यदि कहीं बाल विवाह पाया जाता है तो उसे तुरंत रोकने का प्रयास किया जाएगा, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बाल विवाह में शामिल या उसे बढ़ावा देने वाले—जैसे बाराती, गार्डन मालिक, टेंट हाउस संचालक, केटरर, पंडित, काजी और प्रिंटिंग प्रेस संचालक के खिलाफ भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि बाल विवाह की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
