एक्शन प्लान | शून्य जनसंख्या वाले गांव में भी बनेगा ब्लॉक, प्रगणकों को चेतावनी—सीमाओं में नहीं होनी चाहिए ‘ओवरलैपिंग’
धार। प्रदेश में जनगणना 2027 के महाअभियान का बिगुल फुक चुका है। जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पहले चरण यानी ‘मकानसूचीकरण’ (Houselisting) की समीक्षा की। बैठक में सख्त निर्देश दिए गए कि मकानसूचीकरण ब्लॉक (HLB) के सीमांकन में एक इंच की भी चूक नहीं होनी चाहिए। जिले से जिला जनगणना अधिकारी संजीव केशव पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी इस महत्वपूर्ण रणनीति का हिस्सा बने।
जीरो पापुलेशन वाले गांव भी रडार पर
निदेशालय ने साफ किया है कि प्रदेश का कोई भी कोना सर्वे से छूटना नहीं चाहिए।
- अनिवार्य HLB: हर राजस्व ग्राम में कम से कम एक ब्लॉक बनाना अनिवार्य है, चाहे वहां की जनसंख्या शून्य ही क्यों न हो।
- नो ओवरलैपिंग: HLB पोर्टल पर डेटा फीडिंग के दौरान क्षेत्रों का ओवरलैप होना या किसी हिस्से का छूट जाना (Omission) स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- सीमाओं का बंधन: ब्लॉक की सीमाएं तहसील, वार्ड या ग्राम पंचायत की सरहद को पार नहीं करेंगी। अगर रिकॉर्ड और जमीन की स्थिति में फर्क दिखा, तो वास्तविक भौगोलिक स्थिति को ही अंतिम माना जाएगा।
टाइमलाइन: 17 दिनों में पूरा करना होगा 100% काम
निदेशालय ने फील्ड वर्क के लिए ‘डेडलाइन’ सेट कर दी है:
- 1 से 3 मई: प्रगणक अपने आवंटित क्षेत्रों में मकानों की नंबरिंग और लेआउट मैप का रफ ड्राफ्ट बनाएंगे।
- 4 मई: आधिकारिक तौर पर फील्ड कार्य का श्रीगणेश होगा।
- 20 मई: इस तारीख तक शत-प्रतिशत डेटा संकलन का लक्ष्य रखा गया है।
अलर्ट: अभी डाउनलोड न करें ऐप
डिजिटल डेटा के लिए ‘HLO मोबाइल ऐप’ का इस्तेमाल होगा। अधिकारियों ने सलाह दी है कि इस ऐप को 1 मई 2026 से पहले डाउनलोड न करें। प्रगणकों को नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड पावती के साथ दिए जा रहे हैं।
प्रचार के लिए कचरा वाहन और मुनादी का सहारा
जनगणना के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए निदेशालय ‘लोकल कनेक्ट’ का इस्तेमाल करेगा।
- शहरों में: कचरा संग्रहण वाहनों (टिपरों) के जरिए ऑडियो संदेश प्रसारित होंगे।
- गांवों में: मुनादी (ढोल पीटकर) सूचना दी जाएगी।
- सोशल मीडिया: भ्रामक खबरों पर पैनी नजर रहेगी। दुर्गम क्षेत्रों में हो रहे काम को आधिकारिक हैंडल @CensusMP2027 पर शेयर किया जाएगा।
तकनीकी सपोर्ट: कंट्रोल रूम और SOP
डेटा की शुद्धता के लिए 1 से 30 मई तक जिला और चार्ज कार्यालयों में कंट्रोल रूम एक्टिव रहेंगे। प्रगणकों को पासवर्ड या लॉगिन की समस्या आने पर तकनीकी सहायकों और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की मदद लेनी होगी।
