धार के नए कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने संभाला मोर्चा; बोले- टीएल बैठक के टारगेट समय पर पूरे करें, बहानेबाजी नहीं चलेगी
धार | जिले के नवागत कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कार्यभार संभालते ही अपनी ‘वर्किंग स्टाइल’ के संकेत दे दिए हैं। बुधवार को कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित पहली परिचयात्मक बैठक में उन्होंने जिले के तमाम आला अफसरों को स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उनके साथ जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी और अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय भी मौजूद थे।
रैंकिंग सुधारें वरना जवाबदेही तय होगी
बैठक के दौरान कलेक्टर ने शासन की योजनाओं को लेकर अधिकारियों की क्लास ली। उन्होंने कहा:
- रैंकिंग पर फोकस: शासन स्तर पर सचिव हर विभाग की समीक्षा करते हैं। जिले का प्रदर्शन टॉप पर होना चाहिए, अपनी स्थिति अपडेट रखें।
- डेडलाइन का पालन: समय-सीमा (TL) की बैठकों में जो लक्ष्य दिए गए हैं, उन्हें तय समय पर ही पूरा करना होगा। फाइलों को लटकाना अब भारी पड़ सकता है।
- तालमेल जरूरी: अगर किसी काम में दूसरे विभाग की जरूरत है, तो आपसी समन्वय से उसे तुरंत सुलझाएं। जनता के काम विभागों के आपसी चक्कर में नहीं रुकने चाहिए।
‘रिपोर्ट कार्ड’ तैयार रखें अफसर
कलेक्टर मीना ने सभी जिला प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने विभाग की प्रमुख योजनाओं, चल रहे प्रोजेक्ट्स और वीसी (VC) में मिलने वाले निर्देशों का पूरा डेटा तत्काल उपलब्ध कराएं। इससे कलेक्टर खुद मॉनिटरिंग करेंगे कि किस विभाग ने कितना काम किया है।
धार का विकास: इंफ्रा और पर्यटन पर रहेगा जोर
जिले की भौगोलिक और औद्योगिक स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने भविष्य का विजन भी साझा किया। उन्होंने कहा कि:
- बड़े प्रोजेक्ट्स: जिले में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगीकरण के प्रोजेक्ट्स प्रशासन की रडार पर रहेंगे।
- टूरिज्म: धार और मांडू जैसे पर्यटन क्षेत्रों के विकास और आगामी आयोजनों के लिए प्रशासन को अभी से ‘अलर्ट मोड’ पर रहने के निर्देश दिए हैं।
नोट: नए कलेक्टर के सख्त तेवरों से साफ है कि आने वाले दिनों में जिले की प्रशासनिक मशीनरी की रफ्तार बढ़ने वाली है। अधिकारियों को अब ‘परिचय’ से आगे बढ़कर ‘परफॉरमेंस’ दिखाना होगा।
बैठक में सभी विभागों के जिला प्रमुख और कलेक्ट्रेट स्टाफ मौजूद रहा।
