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युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के लिए अब स्कूलों में होगी ‘काउंसलिंग’, हॉटस्पॉट पर पुलिस की पैनी नजर

नशे के खिलाफ जिला प्रशासन का महाभियान

धार। जिले में नशीली दवाओं के बढ़ते काले कारोबार और युवाओं में इसकी पैठ को खत्म करने के लिए प्रशासन ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। मंगलवार को पुलिस सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोआर्डिनेशन (NCORD) की बैठक में कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि अब केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीन पर असर दिखना चाहिए।

कलेक्टर ने जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को नशे से मुक्त रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में एसपी सचिन शर्मा ने भी अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस की रणनीति साझा की।

स्कूलों में सिर्फ पढ़ाई नहीं, ‘नशामुक्ति’ का पाठ भी जरूरी

कलेक्टर मीना ने कहा कि युवा पीढ़ी को बचाने के लिए सामाजिक चेतना सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि:

  • रेगुलर काउंसलिंग: स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से विशेषज्ञों के माध्यम से काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएं।

  • रचनात्मकता से जुड़ाव: छात्रों को नशे की लत से दूर रखने के लिए उन्हें खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में व्यस्त रखा जाए।

  • जन-जागरूकता: जिले के हर कोने में प्रचार-प्रसार के माध्यम से नशे के शारीरिक और सामाजिक दुष्प्रभावों को बताया जाए।

पुलिस की रडार पर ‘हॉटस्पॉट्स’: अवैध नेटवर्क पर होगा प्रहार

पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बैठक में बताया कि पुलिस विभाग ने जिले के उन हॉटस्पॉट्स को चिन्हित कर लिया है जहाँ नशे की संदिग्ध गतिविधियाँ सबसे अधिक होती हैं।

“हमारा लक्ष्य केवल नशा करने वालों को पकड़ना नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है जो युवाओं तक जहर पहुँचा रहा है। चिन्हित स्थानों पर कड़ी निगरानी के साथ त्वरित वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।” — सचिन शर्मा, एसपी

अवैध बिक्री की सूचना दें, तुरंत होगा एक्शन

प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास नशीली दवाओं या मादक पदार्थों की अवैध बिक्री हो रही है, तो उसकी सूचना तत्काल अधिकारियों से साझा करें। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में 24 घंटे सतर्क रहने को कहा गया है।

बैठक के मुख्य बिंदु :

  1. व्यापक अभियान: पूरे जिले में एक साथ चलेगा नशामुक्ति जन-जागरूकता अभियान।

  2. सुरक्षित कैंपस: शिक्षण संस्थानों के वातावरण को नशा मुक्त बनाने पर विशेष फोकस।

  3. त्वरित कार्रवाई: अवैध गतिविधि की सूचना मिलते ही बिना देरी किए होगी कानूनी कार्रवाई।

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