Headlines

बदहाली देख बिफरे नवागत कलेक्टर, व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश

Oplus_131072

धार जिला अस्पताल में कलेक्टर का औचक निरीक्षण

धार। जिला भोज चिकित्सालय की साख और व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को नवागत कलेक्टर राजीव रंजन मीना के अचानक निरीक्षण पर पहुँचने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोलकर रख दी।

निरीक्षण में खुली पोल: गंदगी और बेड की किल्लत

​कलेक्टर ने अस्पताल के वार्डों और परिसर का बारीकी से जायजा लिया, जहाँ उन्हें चारों ओर अव्यवस्था का अंबार मिला।

  • सफाई व्यवस्था ध्वस्त: अस्पताल के कई वार्डों में भारी गंदगी मिली, जिससे सफाई प्रबंधन की बड़ी लापरवाही उजागर हुई।
  • संसाधनों का अभाव: कई वार्डों में मरीजों के लिए पर्याप्त बेड तक उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
  • स्टाफ में हड़कंप: कलेक्टर की एंट्री होते ही लापरवाह डॉक्टर और कर्मचारी अपनी कमियां छिपाने के लिए व्यवस्थाएं सुधारने में जुट गए।
Oplus_131072

कलेक्टर की दो टूक: “सुधारें प्रक्रिया, मरीजों को न हो असुविधा”

​पत्रकारों से चर्चा करते हुए कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कहा कि जिला अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं का आधार होता है। उन्होंने स्पष्ट किया:

​”यह एक ब्रीफ विजिट थी ताकि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बेसलाइन समझी जा सके। साफ-सफाई और कार्यप्रणाली की प्रक्रियाओं में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। हमारा लक्ष्य है कि सुदूर क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बेहतर और सुलभ सुविधाएं मिलें।”

प्रमुख मुद्दे और भविष्य की रणनीति

  1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: अस्पताल में लंबे समय से स्थाई रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने का मुद्दा सामने आया है। कलेक्टर ने इस संबंध में शासन स्तर पर बात करने का आश्वासन दिया है।
  2. स्थानीय स्तर पर उपचार: कलेक्टर ने कहा कि सामान्य प्रसव और बुनियादी इलाज स्थानीय स्तर पर सिविल और प्राथमिक अस्पतालों में ही सुनिश्चित किए जाएंगे, ताकि जिला अस्पताल पर बोझ कम हो और मरीजों को भटकना न पड़े।
  3. स्थाई सुधार की मांग: स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस तरह के सुधार केवल अधिकारियों के दौरे तक सीमित रहते हैं। लोगों ने मांग की है कि केवल औपचारिकता न की जाए, बल्कि स्थाई रूप से व्यवस्थाएं बदली जाएं।

नवागत कलेक्टर के कड़े रुख के बाद अब देखना यह होगा कि जिला भोज चिकित्सालय की कार्यप्रणाली में वास्तव में कोई बदलाव आता है या हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *