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धार में ‘धारा 163’ लागू, त्योहारों और भीषण लू के बीच प्रशासन सख्त

अब बोतल में पेट्रोल मिला तो खैर नहीं

धार | मध्यप्रदेश के धार जिले में आगामी त्योहारों की खुशियों में खलल न पड़े और भीषण गर्मी (लू) से आमजन सुरक्षित रहें, इसके लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी संजीव केशव पाण्डेय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं।

​यह आदेश 05 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार की सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था।

​क्या हैं प्रमुख पाबंदियां? (एक नज़र में)

​प्रशासन द्वारा जारी आदेश में कई सख्त नियम लागू किए गए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर सीधी कानूनी कार्रवाई होगी:

  • बिना अनुमति जमावड़ा प्रतिबंधित: किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या 5 से अधिक व्यक्ति बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के धरना, जुलूस या प्रदर्शन के लिए एकत्रित नहीं हो सकेंगे।
  • हथियारों पर रोक: सार्वजनिक स्थानों पर चाकू, भाला, तलवार, छुरा या किसी भी प्रकार के विस्फोटक लेकर चलने और उनके प्रदर्शन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • सोशल मीडिया पर ‘तीसरी आंख’: फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर आपत्तिजनक, भ्रामक या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले पोस्ट डालने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। अफवाह फैलाने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत केस दर्ज होगा।
  • बोतल में पेट्रोल पर ‘नो एंट्री’: अब पेट्रोल पंप संचालक किसी भी व्यक्ति को बोतल या डिब्बे (कंटेनर) में पेट्रोल-डीजल नहीं देंगे। यह फैसला अराजक तत्वों द्वारा ईंधन के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए लिया गया है।

​होटलों और बाहरी लोगों के लिए सख्त निर्देश

​जिले के सभी होटल, लॉज, धर्मशाला और गेस्ट हाउस संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे हर आने वाले मेहमान का आईडी कार्ड चेक करें और रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना प्रभारी को देनी होगी।

​भीषण लू और जल संकट से निपटने की तैयारी

​इस बार धारा 163 सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रकोप (भीषण गर्मी) से निपटने के लिए भी लगाई गई है:

  • ​नगर पालिका और नगर परिषद को निर्देश दिए गए हैं कि बस स्टैंड, बाजार, अस्पताल और चौराहों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ठंडे पेयजल की समुचित व्यवस्था करें।
  • ​सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपने क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति पर पैनी नजर रखेंगे और प्रतिदिन रिपोर्ट सौंपेंगे।

​ध्वनि विस्तारक यंत्र (DJ) पर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन

​शादियों और जयंती कार्यक्रमों के दौरान डीजे के उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पुराने आदेशों का सख्ती से पालन करना होगा। तय सीमा से अधिक शोर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ADM की चेतावनी: यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। यदि कोई भी व्यक्ति इन शर्तों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा और संबंधित के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

सावधान रहें, सुरक्षित रहें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

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